Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

दीयों पर खर्च मत करो’—अखिलेश के बयान से भड़की VHP, बोलीं– जो खुद को यदुवंशी कहते हैं, अब जिहादियों की भाषा बोल रहे हैं

UP News: दीपावली की जगमगाहट पर सियासत की छाया गहराई अखिलेश यादव के ‘क्रिसमस सीख’ वाले बयान ने हिंदू संगठनों में मचा दी हलचल।
News Desk
News Desk News Desk
18 Oct 2025
11:37 PM
1 min read
दीयों पर खर्च मत करो’—अखिलेश के बयान से भड़की VHP, बोलीं– जो खुद को यदुवंशी कहते हैं, अब जिहादियों की भाषा बोल रहे हैं
हाइलाइट्स
UP News: दीपावली की जगमगाहट पर सियासत की छाया गहराई अखिलेश यादव के ‘क्रिसमस सीख’ वाले बयान ने हिंदू संगठनों में मचा दी हलचल।


>उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का दीपावली पर दिया गया बयान सियासी हलकों में नई आग जला गया है। उन्होंने कहा कि “दीयों और मोमबत्तियों पर पैसा बर्बाद मत करो, क्रिसमस से सीखो”, जिसके बाद विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने उन्हें करारा जवाब दिया है। विहिप ने इसे “हिंदू भावनाओं का अपमान” बताते हुए कहा कि जो खुद को यदुवंशी कहते हैं, वे अब “जिहादियों और धर्मांतरणकारियों के हमदर्द” बन बैठे हैं।


>विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा “दीपमालिका के दीयों ने इनका दिल इतना जला दिया कि 100 करोड़ हिंदुओं को नसीहत देने लगे। स्वयं को यदुवंशी बताने वाले जिहादियों और धर्मांतरणकारी गैंगों के कथित मसीहा को हिंदुओं से अधिक ईसाई प्यारे हैं।” बंसल ने कहा कि अखिलेश यादव जैसे नेताओं को स्वदेशी परंपराओं से ज्यादा विदेशी त्योहार प्रिय हैं। उन्होंने सवाल उठाया “जब ईसाइयत का जन्म भी नहीं हुआ था, तब से दिवाली मनाई जा रही है। क्या अब हिंदू समाज को अपने रीति-रिवाजों के लिए ईसाइयों से सीख लेनी पड़ेगी?”


>विनोद बंसल ने आगे कहा कि अखिलेश यादव दिवाली की रौनक से परेशान हैं। “दो महीने बाद आने वाला क्रिसमस तो इन्हें अब ही दिखाई दे रहा है, लेकिन 2 दिन बाद आने वाली दीपावली नहीं। अरे कुछ तो शर्म करो, टीपू! अयोध्या की जगमगाहट और हिंदुओं की खुशी से इतनी जलन क्यों?”


>उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कुम्हार भाइयों के हाथों से बने दीए खरीदने में जिन लोगों को तकलीफ है, वे दरअसल ‘PDA की राजनीति में दिवाला’ देख रहे हैं।


>दरअसल, अखिलेश यादव ने अपने एक बयान में कहा था कि “दीयों और मोमबत्तियों पर बार-बार पैसा खर्च करने से बेहतर है कि क्रिसमस से सीख लें, जहां पूरी दुनिया एकसाथ रोशनी करती है।” इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना होने लगी। बीजेपी और हिंदू संगठनों ने इसे “हिंदू परंपराओं का अपमान” बताया।

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News