अम्बेडकरनगर। पेट्रोल या डीजल भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर पहुंचने वाले हर ग्राहक को सिर्फ ईंधन ही नहीं, बल्कि कई बुनियादी सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। इनमें मुफ्त हवा भरने की सुविधा, स्वच्छ शौचालय, प्राथमिक उपचार बॉक्स और पेयजल जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। लेकिन एनडीवी टुडे की ग्राउंड पड़ताल में सामने आया कि अम्बेडकरनगर जिले के अधिकांश पेट्रोल पंप इन अनिवार्य सुविधाओं के मामले में निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतर रहे हैं।
एनडीवी टुडे के संवाददाता रवि दुबे ने जिले के एक दर्जन से अधिक पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। इस दौरान कई स्थानों पर मुफ्त हवा भरने की मशीनें नहीं मिलीं, कई शौचालय उपयोग योग्य स्थिति में नहीं थे, जबकि कुछ पेट्रोल पंपों पर प्राथमिक उपचार बॉक्स या तो उपलब्ध नहीं था या उसकी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इससे साफ है कि यात्रियों और ग्राहकों के लिए निर्धारित मूलभूत सुविधाओं के पालन में कई स्थानों पर गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
अम्बेडकरनगर जिले में कुल 146 पेट्रोल पंप संचालित हैं। प्रतिदिन हजारों वाहन चालक और यात्री यहां ईंधन भरवाने पहुंचते हैं। ऐसे में इन केंद्रों पर ग्राहकों के लिए अनिवार्य सुविधाओं का उपलब्ध होना आवश्यक माना जाता है।
ग्राउंड निरीक्षण के दौरान सामने आया कि गिने-चुने पेट्रोल पंपों को छोड़ अधिकांश स्थानों पर मुफ्त हवा भरने की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। कई ग्राहकों ने बताया कि उन्हें यह भी जानकारी नहीं थी कि पेट्रोल पंपों पर यह सुविधा बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराना आवश्यक होता है।
पड़ताल के दौरान अधिकांश पेट्रोल पंपों पर प्राथमिक उपचार बॉक्स की स्थिति भी संतोषजनक नहीं मिली। कुछ स्थानों पर यह उपलब्ध ही नहीं था, जबकि कुछ कर्मचारियों ने नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर बताया कि कई बार बॉक्स में रखी दवाइयों और अन्य सामग्री की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी उन्हें समय पर बदला नहीं जाता। विशेषज्ञों के अनुसार सड़क दुर्घटना या किसी आकस्मिक घटना की स्थिति में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था शुरुआती राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान सबसे अधिक शिकायतें शौचालयों की स्थिति को लेकर सामने आईं। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर शौचालय बने तो मिले, लेकिन कई स्थानों पर उनमें गंदगी, दुर्गंध और लंबे समय से सफाई न होने के कारण उनका उपयोग करना मुश्किल था।
कुछ पेट्रोल पंपों पर शौचालयों में ताले लगे मिले। इसका सबसे अधिक असर महिला यात्रियों, बच्चों और लंबी दूरी तय करने वाले लोगों पर पड़ता है, जिन्हें रास्ते में सार्वजनिक सुविधाओं पर ही निर्भर रहना पड़ता है।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से अधिकांश पेट्रोल पंपों पर अग्निशमन उपकरण उपलब्ध मिले। रेत से भरी बाल्टियां, अग्निशमन सिलेंडर और अन्य आवश्यक सुरक्षा संसाधन पर्याप्त मात्रा में मौजूद थे। वहीं पेयजल की व्यवस्था कुछ पंपों पर संतोषजनक रही, जबकि कुछ स्थानों पर इसमें भी सुधार की आवश्यकता दिखाई दी।
डीजल भरवाने पहुंचे किसान आदित्य यादव और सुभाष सिंह ने बताया कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पेट्रोल पंपों पर मुफ्त हवा भरने, स्वच्छ शौचालय और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराना अनिवार्य होता है। उनका कहना था कि यदि ऐसे नियम हैं तो सभी पेट्रोल पंपों पर उनका पालन सुनिश्चित कराया जाना चाहिए ताकि हर ग्राहक को समान सुविधाएं मिल सकें।
इस संबंध में जिला पूर्ति अधिकारी शिवाकांत पांडेय ने बताया कि सभी पेट्रोल पंप संचालकों को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही पेट्रोल पंपों का निरीक्षण कराया जाएगा। यदि जांच में कहीं अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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