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गुस्साई मंत्री बोलीं- ‘सीएम योगी से करूंगी शिकायत

UP News: उत्तर प्रदेश में तहलका मचाने वाली घटना आगरा से सामने आई, जब कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किसानों की बैठक में अधिकारियों की बेमौत गैरहाजिरी पर आग बबूला होकर बैठक स्थगित कर दी। गुस्साई मंत्री ने सीएम योगी से लेकर जवाबदेह अफसरों तक को सीधा टारगेट किया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
News Desk
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09 Sep 2025
05:50 AM
1 min read
गुस्साई मंत्री बोलीं- ‘सीएम योगी से करूंगी शिकायत
हाइलाइट्स
UP News: उत्तर प्रदेश में तहलका मचाने वाली घटना आगरा से सामने आई, जब कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किसानों की बैठक में अधिकारियों की बेमौत गैरहाजिरी पर आग बबूला होकर बैठक स्थगित कर दी। गुस्साई मंत्री ने सीएम योगी से लेकर जवाबदेह अफसरों तक को सीधा टारगेट किया, जिससे राजनीतिक हलचल तेज हो गई।


>प्रदेश की कैबिनेट मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ी बैठक बुलाई थी, लेकिन यह बैठक बिना किसी अधिकारी की उपस्थिति के अधूरी रह गई। मंत्री बेबी रानी मौर्य तय समय पर आगरा के विकास भवन पहुंचीं, लेकिन अफसरों की अनुपस्थिति से उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने तत्काल बैठक को स्थगित कर देते हुए कहा कि यह अनादर किसानों के साथ धोखा है और जिम्मेदार अधिकारियों की शिकायत वह सीएम योगी आदित्यनाथ से करेंगी।


>सोमवार को आयोजित बैठक का उद्देश्य किसानों की विभिन्न समस्याओं को समझना और उनका त्वरित समाधान करना था। लेकिन निर्धारित समय तक न तो कोई अधिकारी मौजूद रहा, न ही किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान दिया गया। बेबी रानी मौर्य ने आरोप लगाया कि यह साफ संकेत है कि अधिकारी किसानों की बात सुनने के लिए गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा, “बारह बजे तक कोई भी अधिकारी नहीं आया। यह गंभीर लापरवाही है, जिसे मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया जाएगा।”


>घटना के बाद किसानों में भारी आक्रोश फैल गया। वे बैठक स्थगित होने के निर्णय पर नाखुश होकर विकास भवन परिसर में ‘आगरा प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारे लगाने लगे। किसानों ने जिम्मेदार अधिकारियों पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए। किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कहा, “आगरा प्रशासन लगातार किसानों के साथ छल कर रहा है। हमारी समस्याएं अनसुनी की जा रही हैं। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो हम 2027 में इसका करारा जवाब देंगे।”


>यह मामला प्रदेश सरकार के लिए एक गंभीर चुनौती बन चुका है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने साफ नीति बनाई है कि किसानों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी, वहीं दूसरी ओर ऐसी घटनाएं सरकार की छवि को प्रभावित करती हैं। अब सवाल यह उठता है कि क्या अधिकारी सरकार के जनहित के वादों पर खरा उतरेंगे या फिर वे अपनी जिम्मेदारियों से भागते रहेंगे।

 

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