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1.65 लाख का इनामी, 40 मुकदमों का आरोपी... अयोध्या में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में ढेर

एमी घाट के पास चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़, फायरिंग के बाद STF की जवाबी कार्रवाई में घायल अपराधी की अस्पताल में मौत
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Bureau News Desk
08 Jun 2026
12:39 PM
1 min read
1.65 लाख का इनामी, 40 मुकदमों का आरोपी... अयोध्या में एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में ढेर
हाइलाइट्स
एमी घाट के पास चेकिंग के दौरान हुई मुठभेड़, फायरिंग के बाद STF की जवाबी कार्रवाई में घायल अपराधी की अस्पताल में मौत

उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने रविवार देर रात अयोध्या में हुई मुठभेड़ में 1 लाख 65 हजार रुपये के इनामी और कुख्यात अपराधी भानु प्रताप सिंह उर्फ बब्लू को मार गिराया। पुलिस के अनुसार, भानु प्रताप सिंह पर हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी और गैंगस्टर एक्ट समेत करीब 40 आपराधिक मुकदमे दर्ज थे और वह लंबे समय से फरार चल रहा था।

 

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि भानु प्रताप सिंह अपने एक साथी के साथ बाइक से महाराजगंज थाना क्षेत्र से गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर टीम ने एमी घाट के पास घेराबंदी कर वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया। देर रात करीब 11 बजे एक संदिग्ध बाइक को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस के अनुसार, बाइक सवारों ने रुकने के बजाय एसटीएफ टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

 

पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा में एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान भानु प्रताप सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान भानु प्रताप सिंह का साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों के अनुसार, फरार आरोपी की तलाश में कई टीमों को लगाया गया है।

 

भानु प्रताप सिंह मूल रूप से गोरखपुर जिले का निवासी था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, रंगदारी, गैंगस्टर एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में लगभग 40 मुकदमे दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी पर शासन द्वारा 1 लाख 65 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

 

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, भानु प्रताप सिंह लंबे समय से कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था। पूर्वांचल के कई जिलों में उसका आपराधिक नेटवर्क सक्रिय बताया जाता था। अधिकारियों का कहना है कि उसके खिलाफ लंबे समय से कार्रवाई चल रही थी और वह पुलिस की गिरफ्त से बचता रहा था।

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