विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह ने पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और जन-जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की। उन्होंने लखनऊ के आशियाना आवास क्षेत्र में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लेते हुए हरित भविष्य के निर्माण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक भागीदारी पर जोर दिया।
इससे पहले डॉ. राजेश्वर सिंह ने उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS) परिसर में भी वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम का आयोजन पूज्य झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत, लखनऊ तथा इसकी सहयोगी एवं दाता संस्था ऑरो रिसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक तथा वन विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने संबोधन में डॉ. राजेश्वर सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन का अभियान नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए एक निरंतर चलने वाला संकल्प है। उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने नागरिकों से वृक्षारोपण को जन आंदोलन बनाने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों में सहयोग करने का आह्वान किया।
स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से कार्यक्रम के दौरान एक प्री-फैब्रिकेटेड वेस्ट बिन का लोकार्पण किया गया। इसके साथ ही डॉ. राजेश्वर सिंह ने क्षेत्र में कुल 10 प्री-फैब्रिकेटेड वेस्ट बिन स्थापित किए जाने की घोषणा भी की। इन वेस्ट बिन के माध्यम से कचरे के पृथक्करण को बढ़ावा देने, स्वच्छ वातावरण तैयार करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई। यह पहल स्थानीय स्तर पर स्वच्छता प्रबंधन को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कार्यक्रम के दौरान वन एवं पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में कार्यरत वन विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की योजना की भी जानकारी दी गई। डॉ. राजेश्वर सिंह ने बताया कि वन रक्षकों एवं कर्मचारियों को साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देने के साथ-साथ हरित परिवहन को प्रोत्साहित करना है।
बच्चों और युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आगामी माह से वन एवं पर्यावरण विषयक विशेष प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित करने की घोषणा भी की गई। इस प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी को ₹25,000, द्वितीय स्थान पर ₹11,000 तथा तृतीय स्थान पर ₹10,000 का पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को पर्यावरणीय विषयों के प्रति जागरूक बनाना और प्रकृति संरक्षण के प्रति उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना है।
डॉ. राजेश्वर सिंह ने नागरिकों से "एक व्यक्ति–एक पौधा" के संकल्प को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण में प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया।
हर वर्ष 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन, जैव विविधता संरक्षण और सतत विकास जैसे विषयों के प्रति लोगों को जागरूक करना है। इस अवसर पर देशभर में वृक्षारोपण, स्वच्छता अभियान और जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
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