हैदरगढ़ (बाराबंकी), संवाददाता। लखनऊ-सुलतानपुर हाईवे पर हुए एक सड़क हादसे में 30 वर्षीय युवक की मौत हो गई। घटना के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ में तैनात उसके पिता उस समय बेसुध होकर गिर पड़े, जब उन्होंने शवगृह में रखे अज्ञात शव का चेहरा देखा और वह उनके बेटे का निकला। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में शोक का माहौल छा गया।
जानकारी के अनुसार नगर पंचायत हैदरगढ़ के लोहिया वार्ड निवासी सुनील सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद पर कार्यरत हैं। उनका 30 वर्षीय पुत्र अमन शुक्रवार को अपनी पत्नी और डेढ़ वर्षीय बेटे को लखनऊ स्थित मायके छोड़ने गया था। देर रात वह बाइक से वापस घर लौट रहा था। बताया गया कि शुक्रवार रात करीब 12 बजे हैदरगढ़ क्षेत्र में लखनऊ-सुलतानपुर हाईवे पर गोतौना गांव के सामने किसी अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि अमन गंभीर रूप से घायल हो गया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैदरगढ़ ले गई। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पहचान न होने के कारण शव को शवगृह में रखवा दिया गया। इसी दौरान सीएचसी में ड्यूटी पर मौजूद सुनील को सड़क हादसे की सूचना मिली। वह अज्ञात मृतक की पहचान के लिए शवगृह पहुंचे। उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि हादसे का शिकार उनका अपना बेटा है। जैसे ही उन्होंने शव पर पड़ी चादर हटाकर चेहरा देखा, वह स्तब्ध रह गए। सामने उनके पुत्र अमन का शव था। यह दृश्य देखकर वह वहीं अचेत होकर गिर पड़े।
घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार भी अस्पताल पहुंच गए। पत्नी को भी सूचना दी गई, जिसके बाद वह अपने मासूम बेटे के साथ मायके से वापस लौट आई। परिवार में शोक का माहौल बना हुआ है। हैदरगढ़ कोतवाल अनिल कुमार पांडे ने बताया कि दुर्घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
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