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इतना सारा तेल लेकर ईरानी जहाज आया गुजरात, पर भारत ने क्यों कर दिया मना ?

20 लाख बैरल कच्चे तेल के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने नहीं किया स्वीकार, अमेरिकी प्रतिबंध और समयसीमा बनी वजह
Bureau
Bureau News Desk
15 Apr 2026
09:21 PM
1 min read
इतना सारा तेल लेकर ईरानी जहाज आया गुजरात, पर भारत ने क्यों कर दिया मना ?
हाइलाइट्स
20 लाख बैरल कच्चे तेल के बावजूद भारतीय रिफाइनरियों ने नहीं किया स्वीकार, अमेरिकी प्रतिबंध और समयसीमा बनी वजह

गुजरात के तट पर जब ईरान से करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल लेकर एक विशाल टैंकर पहुंचा, तो सवाल उठा कि इतनी बड़ी मात्रा में तेल होने के बावजूद भारत ने इसे स्वीकार करने से इनकार क्यों कर दिया। वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर दबाव के बीच यह फैसला कई स्तरों पर अहम माना जा रहा है।

 

मिली जानकारी के अनुसार ‘डेर्या’ नाम का एक बहुत बड़ा क्रूड कैरियर हाल ही में गुजरात के बंदरगाह के पास पहुंचा। वेसल ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, इस टैंकर में 28 मार्च को ईरानी कच्चा तेल लोड किया गया था।

 

दरअसल, अमेरिका ने 20 मार्च को वैश्विक आपूर्ति संकट को कम करने के लिए ईरानी तेल की बिक्री पर 30 दिनों की सीमित छूट दी थी। इस छूट के तहत केवल उन टैंकरों को अनुमति थी, जिनमें 20 मार्च से पहले तेल लोड किया गया हो और जिन्हें 19 अप्रैल तक बेचा जा सके।

 

लेकिन डेर्या टैंकर में तेल 28 मार्च को भरा गया, जो इस निर्धारित समयसीमा से बाहर है। ऐसे में इस शिपमेंट को स्वीकार करने पर भारतीय कंपनियों को अमेरिका के सेकेंडरी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है।

 

इसी जोखिम को देखते हुए भारतीय रिफाइनरियों ने इस तेल को लेने से परहेज किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत ने हाल ही में कुछ ईरानी तेल खरीदा जरूर है, लेकिन वे सभी शिपमेंट तय समयसीमा के भीतर लोड किए गए थे।

 

वहीं, संकेत मिले हैं कि अमेरिका इस छूट अवधि को आगे नहीं बढ़ाने वाला है। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हालिया बातचीत के निष्कर्षहीन रहने के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

 

ग्लोबल शिपिंग डेटा के अनुसार, यह टैंकर अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में है और इसे ईरान की नेशनल ईरानी टैंकर कंपनी संचालित कर रही है। फिलहाल यह जहाज गुजरात के पास ही खड़ा है और इसके खरीदार को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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