लखनऊ में भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती अब केवल आम जनता की परेशानी तक सीमित नहीं रही, बल्कि राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बन गई है। राजधानी के अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा विधायकों द्वारा ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं। सवाल यह उठ रहा है कि यह जनता की समस्याओं को लेकर बढ़ी संवेदनशीलता है या फिर चुनावी माहौल और अंदरूनी गुटबाजी की आहट। पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के विधायक ओपी श्रीवास्तव ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर अपने क्षेत्र में बिगड़ी बिजली व्यवस्था को तत्काल सुधारने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में लगातार ट्रिपिंग, लो-वोल्टेज और घंटों बिजली कटौती से आम नागरिक, बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बेहद परेशान हैं। विधायक ने सेक्टर-25, इंदिरानगर, एचएएल, मुंशी पुलिया, विकासनगर और कल्याणपुर समेत कई इलाकों में गंभीर बिजली संकट का उल्लेख करते हुए जल्द समाधान की मांग की है। इससे पहले उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा और सरोजिनी नगर से विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह भी बिजली संकट को लेकर ऊर्जा मंत्री को पत्र लिख चुके हैं। अब लगातार चौथे विधायक द्वारा पत्र लिखे जाने के बाद बिजली विभाग पर दबाव बढ़ता दिखाई दे रहा है।
हालांकि राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे को लेकर अलग-अलग चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं। ऊर्जा मंत्री को लिखे जा रहे इन पत्रों को सोशल मीडिया पर प्रमुखता से वायरल किया जा रहा है, जिससे यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह केवल जनसमस्याओं को उठाने का प्रयास है या फिर इसके पीछे राजनीतिक संदेश और शक्ति प्रदर्शन की रणनीति भी छिपी है।
दूसरी ओर बिजली विभाग का कहना है कि बढ़ती गर्मी और रिकॉर्ड बिजली मांग के कारण सिस्टम पर भारी दबाव है। विभागीय टीमें लगातार फील्ड में रहकर फॉल्ट ठीक करने और आपूर्ति बहाल करने में जुटी हुई हैं। अधिकारियों का दावा है कि ओवरलोड की स्थिति के बावजूद बिजली व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने के लिए युद्धस्तर पर काम किया जा रहा है।
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