उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार सुबह मुख्यमंत्री आवास 5 कालिदास मार्ग के बाहर उस समय हड़कंप मच गया, जब सिटी बस सेवा से जुड़े चार संविदाकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर आत्मदाह का प्रयास किया। कर्मचारियों ने कथित रूप से अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़क लिया, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें ऐसा करने से रोक दिया।
जानकारी के अनुसार, आत्मदाह का प्रयास करने वालों की पहचान अभिषेक सिंह, ज्ञानेंद्र रावत, नितिन श्रीवास्तव और मुकेश यादव के रूप में हुई है। चारों सिटी बस सेवा में चालक के पद पर संविदा के आधार पर कार्यरत बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे।
सूत्रों के अनुसार, दुबग्गा डिपो पर संविदाकर्मी पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि चालक और परिचालकों का निजी कंपनी एसएस इंटरप्राइजेज में विलय किया जा रहा है। संविदाकर्मियों ने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई है और इसी मुद्दे को लेकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
सोमवार सुबह चारों कर्मचारी मुख्यमंत्री आवास पहुंच गए और वहां आत्मदाह का प्रयास किया। घटना के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए कर्मचारियों को रोक लिया। इसके बाद चारों को हिरासत में लेकर थाने भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कर्मचारियों से पूछताछ की जा रही है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। घटना के बाद मुख्यमंत्री आवास और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त कर दिया गया। इस घटना के चलते मुख्यमंत्री आवास के आसपास कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही। पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
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