Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

गोमती को बचाने की मुहिम: 300 किमी की सांस्कृतिक यात्रा पर निकले सुशील सितापुरी

News Desk
News Desk News Desk
05 Jun 2025
09:16 PM
1 min read
गोमती को बचाने की मुहिम: 300 किमी की सांस्कृतिक यात्रा पर निकले सुशील सितापुरी


>उत्तर प्रदेश की जीवनरेखा मानी जाने वाली गोमती नदी आज संकट में है। प्रदूषण, अतिक्रमण और जलविहीनता इसके अस्तित्व पर खतरा बन चुके हैं। ऐसे में हार्दोई जिले के किला पंडरवा गांव के रहने वाले सुशील सितापुरी, उम्र 59 वर्ष, गोमती को फिर से जीवंत करने के उद्देश्य से एक अनोखी यात्रा पर निकले हैं।


>लेखक और पत्रकार रहे सुशील सितापुरी ने वर्ष 2019 में “गोमती यात्रा” की शुरुआत की थी। अब तक वह 300 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पूरी कर चुके हैं, जिसमें वह गोमती नदी के किनारे बसे गांवों, कस्बों और तीर्थस्थलों में जाकर इसके सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहलुओं का दस्तावेजीकरण कर रहे हैं।


>“मैंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव से ली, फिर सीतापुर से इंटर और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और परास्नातक किया। लखनऊ में पत्रकारिता के दौरान गोमती की उपेक्षा देखी और तभी मन में विचार आया कि इस नदी के सांस्कृतिक महत्व को सामने लाना चाहिए,” सुशील ने बताया।


>उनकी यह यात्रा केवल पैदल चलने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके माध्यम से वह स्थानीय मेलों, लोककथाओं और पुरानी परंपराओं को भी जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह मधोटांडा (पिलिभीत) से यात्रा की शुरुआत करते हैं — वही स्थान जहाँ गोमती का उद्गम होता है।


>“मैं हर साल 15-20 दिन यात्रा करता हूं, नई जानकारियां एकत्र करता हूं और घर लौटकर दस्तावेज तैयार करता हूं। मैंने देखा है कि पिलिभीत के छह से अधिक ग्राम पंचायतों में नदी सूख चुकी है। यही कारण है कि इस यात्रा को मिशन बना दिया है।”


>सुशील सितापुरी, “सेवा सदन” नामक एक गैर सरकारी संगठन के अध्यक्ष भी हैं, जो इस यात्रा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। उनके अनुसार, यह प्रयास केवल नदी को बचाने का नहीं, बल्कि लोक संस्कृति को संरक्षित करने का भी माध्यम है।


>उन्होंने यह भी बताया कि उनके गांव के पास स्थित धोबिया आश्रम में एक प्राकृतिक जलस्रोत है, जिसका पुनरुद्धार कार्य चल रहा है। यह स्रोत गोमती की जलधारा को नियमित बनाए रखने में मदद करता है।

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News