नीट परीक्षा में पेपर लीक और लखीमपुर में छात्र आत्महत्या प्रकरण को लेकर रविवार को राजधानी लखनऊ में एनएसवाईएफ की ओर से शांति मार्च निकाला गया। संगठन के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग करते हुए जिला प्रशासन के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा।
एनएसवाईएफ द्वारा आयोजित इस मार्च में बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए। छात्रों ने कहा कि नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं ने विद्यार्थियों के भविष्य और मेहनत पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संगठन ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को तत्काल प्रभाव से रद्द करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई।
शांति मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने लखीमपुर में एक छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले को भी प्रमुखता से उठाया। संगठन का कहना था कि परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी और छात्रों पर बढ़ते मानसिक दबाव के कारण इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।
मार्च के बाद प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में परीक्षा प्रणाली में सुधार, छात्रों के हितों की सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई।

एनएसवाईएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल राज कोरी ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संगठन देशभर के विद्यार्थियों की आवाज को मजबूती से उठाता रहेगा और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग जारी रखेगा।
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