Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

एनआरएचएम घोटाले में पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव गिरफ्तार, जांच में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं

लखनऊ के वेव मॉल से विजिलेंस टीम ने की गिरफ्तारी, जांच में बिना काम कराए भुगतान और वाहन मद में अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए।
Bureau
Bureau News Desk
10 Jun 2026
06:49 PM
1 min read
एनआरएचएम घोटाले में पूर्व कांग्रेस विधायक मुकेश श्रीवास्तव गिरफ्तार, जांच में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं
हाइलाइट्स
लखनऊ के वेव मॉल से विजिलेंस टीम ने की गिरफ्तारी, जांच में बिना काम कराए भुगतान और वाहन मद में अनियमितताओं के आरोप भी सामने आए।

 

एनआरएचएम) से जुड़े घोटाले और वित्तीय अनियमितताओं के मामले में विजिलेंस टीम ने बहराइच के पयागपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक रहे मुकेश श्रीवास्तव उर्फ ज्ञानेन्द्र प्रताप को बुधवार को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें चिकित्सीय परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां से बाद में जेल भेज दिया गया।

 

विजिलेंस टीम ने मुकेश श्रीवास्तव को लखनऊ स्थित वेव मॉल से हिरासत में लिया। अधिकारियों के अनुसार, उनके खिलाफ वर्ष 2021 में बलरामपुर जिले में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं के आधार पर मामला दर्ज किया गया था। हाल ही में दवा और चिकित्सा उपकरणों की खरीद में कथित गड़बड़ियों को लेकर भी उनके खिलाफ एक अन्य एफआईआर दर्ज की गई थी।

 

देवीपाटन मंडल के बलरामपुर जिले में एनआरएचएम से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों के बाद वर्ष 2021 में शासन ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए थे। जांच के दौरान कई मामलों में वित्तीय नियमों के उल्लंघन और भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप सामने आए, जिसके बाद मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति की गई।

 

एफआईआर के अनुसार, वर्ष 2014 से 2019 के बीच कई अनुरक्षण कार्यों में या तो काम नहीं कराया गया या आंशिक कार्य कराकर पूरा भुगतान प्राप्त किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक प्रगति की पर्याप्त समीक्षा किए बिना भुगतान जारी किए गए।

 

मामले में तत्कालीन मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह, डॉ. सत्यदेव, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रवीन कुमार, वरिष्ठ सहायक अजय कुमार श्रीवास्तव, अवर अभियंता राम मनोरथ मौर्य, कनिष्ठ सहायक पूनम सिंह और आरपी ग्रुप ऑफ कंस्ट्रक्शन के प्रोपराइटर राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव समेत कई लोगों को नामजद किया गया है।

 

प्रारंभिक जांच में आरोप सामने आया कि आरवीएसके और सपोर्टिंग सुपरविजन योजना के तहत एक वाहन के संचालन के स्थान पर तीन वाहनों का खर्च दर्शाकर धनराशि निकाली गई। इसके अलावा कई मामलों में टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किए जाने और बिना निविदा के कार्य कराए जाने के आरोप भी जांच में सामने आए हैं।

 

विजिलेंस जांच में यह आरोप भी सामने आया कि चिकित्सा प्रतिपूर्ति वाउचरों के भुगतान के लिए 10 से 25 प्रतिशत तक रिश्वत ली जाती थी। आरोप है कि कई भुगतान आवश्यक अभिलेखों के बिना स्वीकृत किए गए, जिससे सरकारी धन को नुकसान पहुंचा। मामले में आरोपी बनाए गए कुछ अधिकारी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसके बावजूद विजिलेंस ने उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में जांच की प्रक्रिया जारी रखी है।

Explore Related Topics

मुकेश श्रीवास्तव गिरफ्तार पूर्व कांग्रेस विधायक विजिलेंस कार्रवाई बलरामपुर घोटाला NRHM Scam in UP

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News