Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

योगी से मुलाकात हुई, सूची भी तैयार; फिर क्यों अटकी यूपी बीजेपी की नई टीम?

दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंच चुकी है सूची, निगम-आयोग और क्षेत्रीय अध्यक्ष पदों के दावेदारों का इंतजार जारी
Bureau
Bureau News Desk
05 Jun 2026
12:39 PM
1 min read
योगी से मुलाकात हुई, सूची भी तैयार; फिर क्यों अटकी यूपी बीजेपी की नई टीम?
हाइलाइट्स
दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व के पास पहुंच चुकी है सूची, निगम-आयोग और क्षेत्रीय अध्यक्ष पदों के दावेदारों का इंतजार जारी

 

उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की नई संगठनात्मक टीम को लेकर पार्टी के भीतर लंबे समय से चल रही चर्चाओं के बीच पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का इंतजार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह से मिलने के लिए लखनऊ में पार्टी नेताओं की भीड़ देखी गई। नेताओं और कार्यकर्ताओं की प्रमुख जिज्ञासा नई टीम की घोषणा को लेकर थी, लेकिन पार्टी सूत्रों के अनुसार फिलहाल कार्यकर्ताओं को धैर्य रखने के लिए कहा गया है।

 

पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार प्रदेश संगठन की ओर से तैयार की गई सूची केंद्रीय नेतृत्व को भेजी जा चुकी है। अब अंतिम मंजूरी दिल्ली से मिलने के बाद ही नई टीम की घोषणा की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि मंजूरी मिलने में दो दिन से लेकर एक सप्ताह या उससे अधिक समय भी लग सकता है। इसी कारण पार्टी के भीतर विभिन्न पदों की उम्मीद लगाए बैठे नेताओं के बीच उत्सुकता बनी हुई है।

 

नई संगठनात्मक टीम की घोषणा का सबसे अधिक इंतजार उन नेताओं को है जो निगम, आयोग, बोर्ड और प्राधिकरणों में जिम्मेदारी मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। संगठन की नई संरचना तय होने के बाद ही इन नियुक्तियों को लेकर आगे की प्रक्रिया तेज होने की संभावना मानी जा रही है।

 

दिल्ली दौरे से लौटने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच यह उम्मीद बनी थी कि संगठन की घोषणा जल्द हो सकती है। हालांकि अगले ही दिन पार्टी की ओर से धैर्य रखने की सलाह दिए जाने के बाद प्रतीक्षा और बढ़ गई है।

 

उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव अगले वर्ष निर्धारित हैं। हालांकि राजनीतिक गलियारों में समय से पहले चुनाव कराए जाने की चर्चाएं भी समय-समय पर सामने आती रही हैं। ऐसे माहौल में संगठन का पूर्ण गठन अभी तक नहीं हो पाना चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माने जाने वाले क्षेत्रों में क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन को लेकर भी सहमति बनने की प्रक्रिया जारी बताई जा रही है।

 

पार्टी सूत्रों के अनुसार संगठन विस्तार में सबसे बड़ी चुनौती विभिन्न सामाजिक और जातीय वर्गों के प्रतिनिधित्व को संतुलित करना है। माना जा रहा है कि क्षेत्रीय इकाइयों के गठन और क्षेत्रीय अध्यक्षों के चयन में जातीय समीकरणों को विशेष महत्व दिया जा रहा है। छह क्षेत्रीय अध्यक्षों के नामों को लेकर भी अंतिम सहमति बनने की प्रक्रिया जारी बताई जाती है।

 

पंकज चौधरी को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के करीब छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक पूरी प्रदेश कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया है।

इस बार संगठन में दो प्रमुख नियमों को भी ध्यान में रखा जा रहा है:

  • एमएलसी बन चुके पदाधिकारियों को बदला जा सकता है।
  • संगठन में 10 वर्ष या उससे अधिक समय पूरा कर चुके कुछ पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।

 

नई टीम के गठन को लेकर पिछले महीने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े, संघ से जुड़े पदाधिकारियों और पार्टी नेतृत्व के बीच कई दौर की बैठकों का आयोजन हो चुका है। इसके बावजूद संगठन विस्तार की अंतिम घोषणा अभी तक नहीं हो सकी है। पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व और सामाजिक संतुलन से जुड़े पहलुओं पर अंतिम सहमति बनने के बाद ही सूची जारी की जाएगी।

Explore Related Topics

यूपी बीजेपी नई टीम बीजेपी संगठन विस्तार पंकज चौधरी धर्मपाल सिंह यूपी बीजेपी सूची क्षेत्रीय अध्यक्ष यूपी राजनीति

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News