उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में कॉर्नियल अंधत्व से निपटने और नेत्रदान-प्रत्यारोपण प्रणाली को मजबूत करने के लिए उच्च स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया है। यह निर्णय 28 फरवरी 2026 को आयोजित ‘नेत्रमंथन’ कार्यक्रम के दौरान हुई चर्चा के बाद लिया गया।
यह टास्क फोर्स कॉर्नियल दान, आई बैंकिंग और कॉर्नियल प्रत्यारोपण की वर्तमान व्यवस्था का व्यापक मूल्यांकन कर उसे सुदृढ़ करने के लिए कार्य करेगी। टास्क फोर्स की अध्यक्षता एसजीपीजीआईएमएस के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. राजेश हर्षवर्धन करेंगे।
समिति में विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों के विशेषज्ञों को शामिल किया गया है। डॉ. अल्का गुप्ता को सह-अध्यक्ष, डॉ. शालिनी मोहन को सदस्य सचिव और डॉ. शेफाली मजूमदार को संयोजक नियुक्त किया गया है।
समिति राज्य में कॉर्नियल दान की दर, आई बैंकों की कार्यप्रणाली, प्रत्यारोपण संख्या और उनके परिणामों का आकलन करेगी। इसके साथ ही संस्थागत, सामाजिक और लॉजिस्टिक बाधाओं की पहचान कर नीतिगत सुझाव तैयार किए जाएंगे।
टास्क फोर्स स्वास्थ्य कर्मियों के प्रशिक्षण, बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण और जन-जागरूकता बढ़ाने के उपायों पर भी काम करेगी। इसके अलावा अन्य राज्यों और देशों के सफल मॉडल का अध्ययन कर सर्वोत्तम प्रथाओं को लागू करने की दिशा में सुझाव दिए जाएंगे।
सरकार को प्रस्तुत की जाने वाली रिपोर्ट में चुनौतियों, अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियों तथा क्रियान्वयन की रूपरेखा शामिल होगी। सरकार ने नागरिकों से नेत्रदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इस पहल में भागीदारी करने की अपील की है।
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