Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

ग़ाज़िआबाद में 300 साल पुराने बहरामपुर अकबरपुर से हटेगा अकबर का नाम, जानिये अब क्या होगा नया नाम

हिंदू आबादी की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद गाजियाबाद नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली, अंतिम फैसला नामकरण समिति करेगी।
Bureau
Bureau News Desk
16 Jun 2026
01:56 PM
1 min read
ग़ाज़िआबाद में 300 साल पुराने बहरामपुर अकबरपुर से हटेगा अकबर का नाम, जानिये अब क्या होगा नया नाम
हाइलाइट्स
हिंदू आबादी की लंबे समय से चली आ रही मांग के बाद गाजियाबाद नगर निगम बोर्ड बैठक में प्रस्ताव को मंजूरी मिली, अंतिम फैसला नामकरण समिति करेगी।

 

गाजियाबाद के बहरामपुर अकबरपुर गांव का नाम बदलने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। नगर निगम की बोर्ड बैठक में गांव के नाम से 'अकबर' शब्द हटाकर केवल 'बहरामपुर' करने का प्रस्ताव पारित कर दिया गया है। अब यह प्रस्ताव नगर निगम की नामकरण समिति के पास भेजा जाएगा, जहां समीक्षा और विचार-विमर्श के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

 

बहरामपुर अकबरपुर गांव का इतिहास करीब 300 वर्ष पुराना माना जाता है। यह गांव मुगल साम्राज्य के दौर में 18वीं शताब्दी के मध्य में कृषि प्रधान ग्रामीण बस्ती के रूप में विकसित हुआ था। गाजियाबाद की नींव मुगल साम्राज्य के वजीर गाजी-उद-दीन द्वारा रखी गई थी और उसी कालखंड में इस गांव का भी विकास हुआ।

 

स्थानीय लोगों द्वारा कई वर्षों से गांव का नाम बदलने की मांग की जा रही थी। इस संबंध में पत्राचार के अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से भी मांग उठाई जाती रही। प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री नरेंद्र कश्यप ने इस संबंध में नगर निगम को पत्र लिखा था। इसके बाद नगर निगम की बोर्ड बैठक में बहरामपुर अकबरपुर का नाम बदलकर केवल बहरामपुर करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सदन ने मंजूरी दे दी।

 

नगर निगम से प्रस्ताव पारित होने के बाद मामला अब नामकरण समिति के पास जाएगा। समिति प्रस्ताव का अवलोकन और परीक्षण करेगी। इसके बाद अंतिम स्वीकृति मिलने पर गांव का आधिकारिक नाम बहरामपुर हो जाएगा। नामकरण समिति के सदस्य और कार्यकारिणी उपाध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने कहा कि बोर्ड बैठक में पारित प्रस्ताव अब समिति के पास भेजा जाएगा और समिति द्वारा अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

 

विजय नगर जोन के वार्ड-35 में स्थित बहरामपुर अकबरपुर कभी कृषि आधारित गांव हुआ करता था। समय के साथ यह सिद्धार्थ विहार और प्रताप विहार जैसे विकसित इलाकों से सटा एक प्रमुख आवासीय क्षेत्र बन चुका है। करीब 40 हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में लगभग 75 प्रतिशत हिंदू और करीब 23 प्रतिशत मुस्लिम समुदाय के लोग निवास करते हैं। इसके अलावा सिख, जैन और ईसाई समुदाय के लोग भी यहां रहते हैं। यहां बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आकर बसे लोग भी बड़ी संख्या में निवास कर रहे हैं।

 

नगर निगम बोर्ड बैठक में 30 से अधिक स्थानों के नामकरण और नाम परिवर्तन से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई।

इनमें प्रमुख प्रस्ताव इस प्रकार हैं:-

  • कौशांबी के सेंट्रल पार्क का नाम राम पार्क रखने का प्रस्ताव।
  • सूर्य नगर स्थित चौक का नाम अणुव्रत चौक।
  • विजय नगर सेक्टर-11 की सड़क का नाम बालाजी मंदिर मार्ग।
  • चरण सिंह कॉलोनी के चौराहे का नाम महाराणा प्रताप चौक।
  • कृष्णकुंज कॉलोनी के पार्क का नाम प्रकाश वीर शास्त्री पार्क।
  • प्रताप विहार के पार्क का नाम देवी अहिल्याबाई होल्कर पार्क।
  • दूसरे पार्क का नाम रामजानकी पार्क।
  • मिर्जापुर के बंजारा चौक का नाम वीर अब्दुल हमीद चौक रखने का प्रस्ताव।

Explore Related Topics

बहरामपुर अकबरपुर गाजियाबाद अकबरपुर नरेंद्र कश्यप नामकरण समिति गाजियाबाद नगर निगम

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News