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ग्रीन डाटा सेंटर से आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान

ग्रीन ऊर्जा और डेटा टेक्नोलॉजी का संगम: सीईएल बना ‘नए भारत’ की नई शक्ति का प्रतीक
News Desk
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26 Jun 2025
08:31 AM
1 min read
ग्रीन डाटा सेंटर से आत्मनिर्भर भारत की नई उड़ान
हाइलाइट्स
ग्रीन ऊर्जा और डेटा टेक्नोलॉजी का संगम: सीईएल बना ‘नए भारत’ की नई शक्ति का प्रतीक


>उत्तर प्रदेश में औद्योगिक आत्मनिर्भरता, तकनीकी सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गाजियाबाद के साहिबाबाद में सीईएल-ईएसडीएस ग्रीन डेटा सेंटर का शिलान्यास किया। इस मौके पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि सीईएल जैसे संस्थानों के माध्यम से ही नया भारत अपनी शक्ति, तकनीक और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।


>मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो के संकल्प की ओर इसे एक “मजबूत और निर्णायक कदम” करार दिया। साथ ही घोषणा की कि 2027 तक उत्तर प्रदेश 20,000 मेगावाट रिन्यूएबल एनर्जी का उत्पादन करेगा, जिसमें सीईएल की भूमिका बेहद अहम होगी।

डाटा और डेटा सेंटर में भारत की नई उड़ान


>सीईएल द्वारा स्थापित ग्रीनफील्ड डेटा सेंटर को अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त बनाकर क्लाइमेट-फ्रेंडली टेक्नोलॉजी की दिशा में एक क्रांतिकारी प्रयास किया गया है। यह न केवल ऊर्जा की न्यूनतम खपत करेगा, बल्कि स्मार्ट कूलिंग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग, मल्टी-आईएसपी सपोर्ट और टियर-III स्टैंडर्ड्स के अनुसार डिज़ाइन किया गया है।


>ईएसडीएस के साथ साझेदारी से इसे 30 मेगावाट की क्षमता और हर फ्लोर पर 200 हाई-डेंसिटी रैक के विस्तार की क्षमता से लैस किया गया है, जो इसे भारत के सबसे आधुनिक डेटा केंद्रों में से एक बनाता है।

सीईएल: डिसइन्वेस्टमेंट से मिनी रत्न तक का प्रेरक सफर


>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) के 50 सालों के सफर को एक “सक्सेस स्टोरी” बताते हुए कहा कि वह समय भी था जब इसे डिसइन्वेस्टमेंट की सूची में डाल दिया गया था, लेकिन आज यही संस्थान मिनी रत्न बनकर 21 करोड़ रुपए का लाभांश केंद्र सरकार को सौंप रहा है। यह आत्मनिर्भर भारत के विचार की वास्तविक सफलता है।

रेलवे, रक्षा, अक्षय ऊर्जा में सीईएल की प्रभावशाली उपस्थिति


>मुख्यमंत्री ने बताया कि सीईएल न केवल देश का पहला सोलर फोटोवोल्टिक मॉड्यूल बनाने वाला संस्थान है, बल्कि आज यह डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भी अहम भूमिका निभा रहा है। ब्रह्मोस और आकाश जैसी मिसाइलें अब “पाकिस्तान में टेस्टेड और दुनिया में ट्रस्टेड” हैं। सीईएल, डिफेंस उपकरण, स्मार्ट क्लासरूम टेक्नोलॉजी, रेलवे सिग्नलिंग और अक्षय ऊर्जा उपकरणों में भी देश को मजबूती प्रदान कर रहा है।

आर्थिक बदलाव का धुरी बनता उत्तर प्रदेश


>मुख्यमंत्री ने प्रदेश की बदलती तस्वीर पेश करते हुए कहा कि बीते 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था ढाई गुना बढ़ी है और 6 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं। उन्होंने बताया कि 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों में से 15 लाख करोड़ रुपये के निवेश को जमीन पर उतारा जा चुका है। अब यूपी देश का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है।

विज्ञान मंत्री की घोषणाएं: नोएडा में बनेगा देश का पहला क्वांटम यूनिट


>इस समारोह में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ऐलान किया कि नोएडा में देश का पहला क्वांटम यूनिट स्थापित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ के पास बायोटेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना और अगस्त में स्टार्टअप कॉन्क्लेव का आयोजन प्रस्तावित है।

ग्रीन इंडिया और डिजिटल इंडिया को नई रफ्तार


>सीईएल के चेयरमैन चेतन प्रकाश जैन और ईएसडीएस के सीईओ पीयूष सोमानी ने बताया कि यह डेटा सेंटर पूरी तरह ऊर्जा-कुशल, मॉड्यूलर और पर्यावरण-अनुकूल है। यह परियोजना न केवल डिजिटल इंडिया को गति देगी, बल्कि ग्रीन इंडिया मिशन को भी मजबूती प्रदान करेगी।

 

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