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चंद्र ग्रहण 2025: लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और यूपी के हर शहर में कब दिखेगा ग्रहण – पूरी समय-सूची और महत्वपूर्ण जानकारी

Chandra Grahan 2025 Time: आज यानी 7 सितंबर 2025 को पूरे भारत सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों में साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज समेत अन्य प्रमुख शहरों में रात के समय यह रहस्यमयी दृश्य नजर आएगा, जाने अपने शहर में कब से कब तक दिखेगा ग्रहण
News Desk
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07 Sep 2025
05:07 AM
1 min read
चंद्र ग्रहण 2025: लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज और यूपी के हर शहर में कब दिखेगा ग्रहण – पूरी समय-सूची और महत्वपूर्ण जानकारी
हाइलाइट्स
Chandra Grahan 2025 Time: आज यानी 7 सितंबर 2025 को पूरे भारत सहित उत्तर प्रदेश के कई शहरों में साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण दिखाई देगा। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज समेत अन्य प्रमुख शहरों में रात के समय यह रहस्यमयी दृश्य नजर आएगा, जाने अपने शहर में कब से कब तक दिखेगा ग्रहण


>साल का दूसरा और अंतिम चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) रविवार, 7 सितंबर को पूरी दुनिया में विशेष दृश्य बनकर उभरेगा। खासकर उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहर लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और कानपुर में यह ग्रहण अपने पूर्ण रूप में दिखाई देगा।


>प्रयागराज के प्राचीन मां ललिता देवी मंदिर के पुजारी ज्योतिषाचार्य शिवमूरत मिश्र उर्फ राजा पंडित के अनुसार, इस बार का चंद्र ग्रहण भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि पर पितृपक्ष के शुभारंभ पर घटित हो रहा है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण विशेष महत्व रखता है।


>उत्तर प्रदेश में ग्रहण का समय –

  • लखनऊ: रात 9:57 बजे प्रारंभ होकर 1:27 बजे समापन।

  • वाराणसी: रात 9:57 बजे प्रारंभ, समापन 1:26 बजे।

  • प्रयागराज: रात 8:58 बजे प्रारंभ, समापन 2:25 बजे। सूतक काल दोपहर 2 बजे से लागू।

  • नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, कानपुर: रात 9:58 बजे प्रारंभ होकर 1:26 बजे समापन।

इस दौरान लगभग 9 घंटे पूर्व सूतक काल लागू रहेगा, जिसमें धार्मिक और शुभ कार्यों से परहेज करना शुभ माना जाता है।


>अंतरराष्ट्रीय दृश्यता


>यह खग्रास चंद्र ग्रहण केवल भारत में ही नहीं, बल्कि पश्चिमी प्रशांत महासागर, हिंद महासागर, पूर्वी अटलांटिक महासागर, अंटार्कटिका, एशिया, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप में भी दर्शनीय होगा।


>ज्योतिषीय संकेत


>ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रहण विशेष रूप से कुंभ राशि और पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में घटित हो रहा है। यह कई महत्वपूर्ण संकेत देता है, जिनका असर उड़ीसा, आंध्र प्रदेश, बंगाल और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में भी गहराई से महसूस किया जाएगा।


>विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ग्रहण के दौरान ध्यान, पूजा और आत्मचिंतन का समय अपनाया जाए। सूतक काल में भोजन या नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।

 

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