पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े संघर्ष के बीच भारत में एलपीजी आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार ऊर्जा आपूर्ति में बाधा के कारण देश के कई हिस्सों में गैस की उपलब्धता प्रभावित हुई है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत का लगभग 90 प्रतिशत एलपीजी आयात स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए होता है। मौजूदा संघर्ष के कारण इस मार्ग में व्यवधान आने से आपूर्ति प्रभावित हुई है।
स्थिति से निपटने के लिए भारत ने वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख किया है। मंत्रालय के अनुसार अब अमेरिका से एलपीजी आयात बढ़ाया जा रहा है, जबकि एलएनजी की आपूर्ति ऑस्ट्रेलिया और रूस जैसे देशों से सुनिश्चित की जा रही है। इसके साथ ही ऊर्जा के अन्य विकल्पों पर भी काम किया जा रहा है।
देश के विभिन्न हिस्सों में एलपीजी की कमी का असर रेस्टोरेंट और औद्योगिक गतिविधियों पर भी देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। हालांकि मंत्रालय का कहना है कि डिजिटल बुकिंग व्यवस्था में सुधार हुआ है और करीब 93 प्रतिशत उपभोक्ता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रहे हैं। सरकार ने उपभोक्ताओं से संयम बनाए रखने और आपूर्ति सामान्य होने तक निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की अपील की है।
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