UP: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रेरणा से संचालित मिशन शक्ति अभियान बालिकाओं को आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता लेने के व्यावहारिक अवसर उपलब्ध करा रहा है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) काकोरी की चार छात्राओं ने बुधवार को मध्याह्न भोजन प्राधिकरण पहुंचकर एक दिन की निदेशक के रूप में सांकेतिक जिम्मेदारी संभाली। इस पहल में कक्षा आठ की मुस्कान, सरिता और साक्षी तथा कक्षा सात की राधिका शामिल रहीं। छात्राओं को विभागीय कार्यप्रणाली समझने, मध्याह्न भोजन व्यवस्था की समीक्षा करने और बच्चों के हित से जुड़े मुद्दों पर सुझाव देने का अवसर मिला। प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं का मार्गदर्शन किया और उनके विचारों को गंभीरता से सुना।
एक दिन की निदेशक का दायित्व निभाते हुए छात्राओं ने विद्यालयों में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि परिषदीय विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के रसोईघर में स्वच्छता के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए। बच्चों को ताजा, सुरक्षित और संतुलित भोजन उपलब्ध कराने के साथ भोजन बनाने वाली रसोइयों को नियमित प्रशिक्षण देने की आवश्यकता भी बताई।
छात्राओं ने सुझाव दिया कि विद्यालयों में बच्चों की संख्या के अनुसार भोजन तैयार किया जाए और निर्धारित मेन्यू में पोषण का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने आधुनिक रसोई व्यवस्था को प्रोत्साहित करने तथा अस्वस्थ होने वाले बच्चों को समय पर प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था मजबूत करने की बात भी कही।
मध्याह्न भोजन प्राधिकरण के निदेशक प्रेमरंजन सिंह ने छात्राओं की पहल, आत्मविश्वास और प्रशासनिक सोच की सराहना की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य बालिकाओं को आगे बढ़ने, निर्णय लेने और समाज में अपनी प्रभावी भूमिका निभाने के अवसर देना है। ऐसे कार्यक्रम छात्राओं को प्रशासनिक व्यवस्था समझने और भविष्य में जनसेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं।
निदेशक ने छात्राओं द्वारा उठाए गए स्वच्छता और पोषण संबंधी मुद्दों पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में विद्यालयों के रसोईघरों की स्वच्छता बनाए रखने और बच्चों को सुरक्षित एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल से विद्यालयों में भोजन की गुणवत्ता, रसोई की साफ-सफाई और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मानकों को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। मिशन शक्ति के माध्यम से बालिकाओं को नेतृत्व का अनुभव देकर आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें