UP Cabinet: प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ-हरदोई सीमा पर विकसित होने वाले ‘पीएम मित्र मेगा टेक्सटाइल पार्क’ के मास्टर डेवलपर के चयन को मंजूरी दे दी गई। करीब 1,947 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के लिए रामकी इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को प्रेफर्ड बिडर चुना गया है। इस पार्क से लगभग एक लाख युवाओं को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं।
भारत सरकार की पीएम मित्र योजना के तहत इस पार्क को 1,000 एकड़ यानी लगभग 404.69 हेक्टेयर भूमि पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदेश में कपड़ा उद्योग, गारमेंट निर्माण, फैशन टेक्नोलॉजी और निर्यात को बढ़ावा देना है। हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान के मुताबिक, यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख टेक्सटाइल और परिधान निर्माण केंद्रों में स्थापित करने में मदद करेगी। परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित शर्तों के तहत अधिकतम 500 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान है।
पार्क का विकास और संचालन केंद्र तथा राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम ‘पीएम मित्र पार्क उत्तर प्रदेश लिमिटेड’ के माध्यम से किया जाएगा। इसमें उत्तर प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और केंद्र सरकार की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है। राज्य सरकार ने परियोजना के लिए 1,000 एकड़ भूमि 99 वर्ष की लीज पर एक रुपये प्रति एकड़ प्रति वर्ष की सांकेतिक दर से उपलब्ध कराई है। मास्टर डेवलपर का चयन राष्ट्रीय निविदा प्रक्रिया के तहत किया गया है। परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण यानी डीबीएफओटी आधारित पीपीपी मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसकी कुल रियायत अवधि 50 वर्ष होगी, जिसमें पांच वर्ष का निर्माण काल शामिल है।
टेक्सटाइल पार्क में आंतरिक सड़कें, बिजली वितरण नेटवर्क, तैयार फैक्ट्री शेड, इनक्यूबेशन सेंटर, कॉमन बॉयलर और आधुनिक लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जाएंगे। प्रदेश सरकार पार्क तक छह लेन सड़क संपर्क, निर्बाध बिजली और बाहरी जलापूर्ति की व्यवस्था करेगी। पर्यावरण संरक्षण के लिए जीरो लिक्विड डिस्चार्ज आधारित कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया जाएगा। इससे औद्योगिक अपशिष्ट जल का शोधन और पुनर्चक्रण संभव होगा।
परियोजना में श्रमिकों के लिए आवासीय परिसर, सुरक्षित हॉस्टल, स्वास्थ्य केंद्र और कौशल विकास प्रशिक्षण संस्थान भी बनाए जाएंगे। इससे विशेष रूप से महिला कामगारों को सुरक्षित कार्य वातावरण उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। सरकार को उम्मीद है कि पार्क से कपड़ा निर्माताओं, स्थानीय बुनकरों, परिधान इकाइयों और निर्यातकों को नए अवसर मिलेंगे।
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