UP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में किसानों की आय बढ़ाने, पशुपालन को प्रोत्साहन देने, शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने, जल परिवहन को सुरक्षित बनाने और औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े कई निर्णय लिए गए। इसके साथ ही चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण और कंपनियों के विलय-विभाजन पर स्टांप ड्यूटी के स्पष्ट प्रावधान को लेकर भी फैसले किए गए।
कैबिनेट में पशुधन क्षेत्र को मजबूत करने के लिए ‘स्टेट लैब स्टार्ट मिशन’ के गठन का प्रस्ताव रखा गया। इसका उद्देश्य पशुओं की उत्पादकता बढ़ाना, उन्नत नस्लों को प्रोत्साहित करना, पशु उत्पादों के लिए बाजार विकसित करना और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा करना है। सरकार गाय की नस्ल सुधारकर दूध उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है। इसके तहत प्रति गाय प्रतिदिन 10 लीटर तक दूध उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। मुर्गी पालन और बकरी पालन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
इसी तरह पशु बीमा योजना के तहत बीमा की कुल लागत का 85 प्रतिशत सरकार और 15 प्रतिशत किसान वहन करेंगे। प्रस्ताव में एक गाय पर 50 हजार रुपये का अनुदान देने का प्रावधान भी बताया गया है। सरकार को उम्मीद है कि इससे किसानों की आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित होंगे और पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा। प्रदेश में कंपनियों के विलय और विभाजन की प्रक्रिया आसान बनाने के लिए स्टांप ड्यूटी से जुड़ा प्रस्ताव तैयार किया गया है।
स्टांप मंत्री रविंद्र जायसवाल के अनुसार प्रस्ताव में शेयर वैल्यू पर 0.50 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी और संबंधित मामलों में संपत्ति पर दो प्रतिशत ड्यूटी का प्रावधान है। अब तक स्पष्ट नियमों के अभाव में कंपनियों को स्टांप ड्यूटी निर्धारण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। प्रस्ताव को केंद्र सरकार की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद इसे प्रदेश में लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
प्रदेश में जल परिवहन को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए यांत्रिक और गैर-यांत्रिक नावों के पंजीकरण की व्यवस्था की जाएगी। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक जल परिवहन की निगरानी के लिए इनलैंड वाटर अथॉरिटी गठित करने का प्रस्ताव है, जिसके अध्यक्ष परिवहन मंत्री होंगे। नावों का वर्गीकरण यात्रियों की क्षमता के आधार पर किया जाएगा। गैर-यात्री नावों के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क प्रस्तावित है। सरकार गंगा और यमुना समेत 11 नदियों पर जल परिवहन की संभावनाएं विकसित करने की दिशा में काम करेगी।
कैबिनेट ने अशासकीय सहायता प्राप्त, वित्तविहीन और संस्कृत विद्यालयों के 48,062 शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। प्रत्येक कर्मचारी के बीमा प्रीमियम के लिए सरकार 3,000 रुपये देगी। इस पर कुल 14.41 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कर्मचारियों और उनके परिवारों को पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अतिरिक्त बेसिक शिक्षा क्षेत्र के 1,22,305 कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ देने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सैनिक स्कूल मैनपुरी के विस्तार के लिए ग्रामीण क्षेत्र में निःशुल्क जमीन उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी।
इसी तरह प्रदेश में कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए चार लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण पर सहमति दी गई है। इन परियोजनाओं पर कुल 17,542 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई। इससे विभिन्न क्षेत्रों के बीच आवागमन और औद्योगिक संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। सहकारिता विभाग के तहत झांसी और ललितपुर में 6.5 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता विकसित करने की योजना को भी मंजूरी दी गई। इसके लिए 5.47 हेक्टेयर जमीन पर निर्माण किया जाएगा।
कैबिनेट ने ग्रेटर नोएडा में एंपावर्ड कमेटी की संस्तुति के तहत एकागो हॉस्पिटेलिटी के 654 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी। वहीं, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति के तहत चार कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने पर सहमति बनी। इनमें हैवेल्स के 889 करोड़, अमेरियोराइड इंडिया एलएलपी के 112 करोड़, मेटलाइफ ग्लोबल के 84 करोड़ और एलजी सॉफ्ट के 634 करोड़ रुपये के प्रस्ताव शामिल हैं।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें