Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

योगी सरकार की योजना से चमक उठेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

समृद्ध किसान, समृद्ध राष्ट्र: योगी सरकार की पशुधन क्रांति से बदलेगा ग्रामीण भारत का भविष्य
News Desk
News Desk News Desk
12 Jul 2025
03:55 AM
1 min read
योगी सरकार की योजना से चमक उठेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
हाइलाइट्स
समृद्ध किसान, समृद्ध राष्ट्र: योगी सरकार की पशुधन क्रांति से बदलेगा ग्रामीण भारत का भविष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को 'भारत में पशु नस्लों का विकास' विषयक कार्यशाला का उद्घाटन करते हुए स्पष्ट किया कि किसानों की समृद्धि के बिना देश में खुशहाली की कल्पना अधूरी है। उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है और पशुपालन इसकी रीढ़ है। गोरखपुर में कृत्रिम गर्भाधान संस्थान और अमेठी, बरेली व मथुरा में पशुपालन अवसंरचना विकास निधि के अंतर्गत तीन परियोजनाओं का वर्चुअल उद्घाटन कर सीएम ने उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और सशक्त करने की दिशा में नई शुरुआत की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी आज दुग्ध उत्पादन में पूरे देश में शीर्ष पर है और इस सफलता के पीछे राज्य सरकार द्वारा चलाए गए नस्ल सुधार कार्यक्रम, एफएमडी मुक्त अभियान और गोवंश संरक्षण की योजनाएं हैं।

एफएमडी मुक्त पशुधन और स्थानीय नस्लों पर फोकस

योगी आदित्यनाथ ने एफएमडी (खुरपका-मुंहपका) बीमारी को पशुधन के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया और इसे जड़ से खत्म करने के लिए टीकाकरण अभियान को युद्धस्तर पर चलाने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा कि यदि स्थानीय नस्लों पर वैज्ञानिक ध्यान दिया जाए तो यह न केवल पशुपालकों को स्थायी आमदनी दे सकता है, बल्कि किसानों की आत्मनिर्भरता की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगा।

गोवंश संरक्षण: तीन बड़ी योजनाएं

मुख्यमंत्री ने बताया कि आज 14 लाख से अधिक निराश्रित गोवंश की देखभाल की जा रही है।

  1. निराश्रित गोआश्रय स्थलों के माध्यम से 12 लाख गोवंश

  2. सहभागिता योजना के तहत किसानों को दिए गए गोवंश (1500 ₹ प्रति माह प्रति पशु)

  3. कुपोषित परिवारों को गोद दी गई बियाई हुई गायें, जिनके साथ 10,000+ परिवारों को जोड़ा गया

दूध उत्पादक महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य में पांच मिल्क प्रोड्यूसर कंपनियां जैसे बलिनी (झांसी), गोरखपुर, आगरा व काशी काम कर रही हैं, जिससे लाखों महिलाएं जुड़कर दुग्ध संग्रहण, नस्ल सुधार और आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं।

प्राकृतिक खेती और गंगा की निर्मलता

सीएम ने रासायनिक खेती से उपजी स्वास्थ्य समस्याओं पर चिंता जताते हुए प्राकृतिक खेती और गो आधारित कृषि को समाधान बताया। 'नमामि गंगे परियोजना' को उन्होंने भारतीय संस्कृति और प्रकृति पुनर्जीवन का अभूतपूर्व उदाहरण बताया।

चारा उत्पादन और डेयरी क्रांति

एनडीडीबी के सहयोग से गोरखपुर, कानपुर और कन्नौज की डेयरियों के साथ-साथ अंबेडकर नगर के चारा उत्पादन केंद्र को सक्रिय किया गया है, जिससे भविष्य में पशुपालकों को पोषक चारा आसानी से उपलब्ध होगा।

किसानों की सफलता की गूंज

कार्यशाला में वाराणसी, गोरखपुर, एटा के किसानों ने बताया कि कैसे योगी सरकार की योजनाओं से उनका जीवन बदला है। लखपति दीदी, सोनम कुमारी, पन्नेलाल यादव जैसे नाम ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई कहानी गढ़ रहे हैं।

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News