Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

जब गांव में कभी बाल्टी लेकर महिलाएं चलती थीं मीलो...

पूर्वांचल की चमकती तस्वीर: मोदी-योगी की जोड़ी ने गांवों की जिंदगी को दिया नया जीवन
News Desk
News Desk News Desk
12 Jul 2025
04:38 AM
1 min read
जब गांव में कभी बाल्टी लेकर महिलाएं चलती थीं मीलो...
हाइलाइट्स
पूर्वांचल की चमकती तस्वीर: मोदी-योगी की जोड़ी ने गांवों की जिंदगी को दिया नया जीवन


>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जोड़ी ने पूर्वांचल की ग्रामीण तस्वीर को पूरी तरह बदलकर रख दिया है। 'जल जीवन मिशन' की बदौलत अब गांवों में पानी की बूंद-बूंद के लिए तरसने वाले परिवारों के घरों में नल से शुद्ध पानी पहुंच रहा है। यह दावा किसी सरकार की रिपोर्ट का नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्वयंसेवी संस्था वाटरएड इंडिया और दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संयुक्त अध्ययन का है।


>गोरखपुर मंडल के गोरखपुर, कुशीनगर और महाराजगंज जिलों में कराए गए इस सर्वे में पांच-पांच गांवों का गहन अध्ययन किया गया। तीन महीने तक समूह चर्चाओं, साक्षात्कारों और आंकड़ों के विश्लेषण से यह निष्कर्ष निकला कि जल जीवन मिशन ने न केवल शुद्ध पानी पहुँचाया है, बल्कि इसके जरिए स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सम्मान और स्थानीय रोजगार के क्षेत्र में बड़ा परिवर्तन आया है।


>नल से जल ने दिलाया आत्मविश्वास


>अब 93 फीसदी ग्रामीण परिवार नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल का उपयोग कर रहे हैं। पहले जहां लोग कुएं, हैंडपंप और तालाबों पर निर्भर थे, अब वही लोग खाना पकाने तक के लिए नल के जल का प्रयोग कर रहे हैं। यह पानी की उपलब्धता में क्रांति जैसा है, जिससे जीवन स्तर में जबरदस्त सुधार देखा गया।


>स्वास्थ्य में दिखा साफ सुधार


>पानी की गुणवत्ता में सुधार से अब जल जनित बीमारियों जैसे पेट दर्द, दस्त और त्वचा रोगों में भारी कमी आई है। ग्रामीणों का इलाज पर खर्च घटा है और वे अब पहले से अधिक स्वस्थ और कार्यक्षम महसूस करते हैं।


>शिक्षा में सुधार: बच्चों की उपस्थिति बढ़ी


>स्कूलों में नल कनेक्शन पहुंचने से बच्चों को शुद्ध जल मिल रहा है, जिससे बीमारियाँ घटी हैं और ड्रॉपआउट दर में भी कमी आई है। ग्रामीणों के अनुसार अब बच्चे नियमित स्कूल जा रहे हैं और शिक्षा में रुचि ले रहे हैं।


>स्थानीय स्तर पर मिला रोजगार


>पाइपलाइन बिछाने, टंकी निर्माण और देखरेख के कार्यों में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण और रोजगार मिला है। इससे ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और गांवों में तकनीकी दक्षता भी बढ़ी है।


>महिलाओं को मिला सम्मान और समय


>जहां पहले महिलाओं को घंटों पानी लाने में बिताना पड़ता था, अब वही महिलाएं अपने खाली समय का उपयोग स्वरोजगार, शिक्षा और सामाजिक गतिविधियों में कर रही हैं। इससे उनका सम्मान और आत्मनिर्भरता दोनों में इजाफा हुआ है।


>सर्वे में ग्रामीणों की राय: 'हर घर जल' से जीवन में क्रांतिकारी बदलाव


>अधिकतर ग्रामीणों ने माना कि यह योजना सिर्फ पानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसने उन्हें एक स्वस्थ, सुरक्षित और आत्मनिर्भर जीवन दिया है। यह किसी विकास मॉडल से कम नहीं, जिसे देश के अन्य हिस्सों में भी दोहराया जा सकता है।

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News