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मां के खून की बोतल टांगे चलता रहा मासूम, अखिलेश यादव ने ब्रजेश पाठक को सुना डाला

News Desk
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12 May 2025
05:57 AM
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मां के खून की बोतल टांगे चलता रहा मासूम, अखिलेश यादव ने ब्रजेश पाठक को सुना डाला

‘नामपट्टी तक सीमित’ उप्र के स्वास्थ्य-चिकित्सा मंत्री जी के सूचनार्थ, ये लाइन अखिलेश यादव ने अपने इंटरनेट मीडिया के फेसबुक प्लेटफार्म पर लिखते हुए एक वीडियो शेयर किया है, इस वीडियो में एक मासूम अपने मां की खून की बोतल लेकर चल रहा होता, भावुक कर देने वाले इस वीडियो में अमानवीयता का आलम यह है कि पीड़ित को न स्ट्रेचर नसीब हुआ और न ही उचित चिकित्सीय व्यवस्था।

सरकारी अस्पतालों की बदहाल व्यवस्था और अमानवीय लापरवाही एक बार फिर से सुर्खियों में है,उत्तर प्रदेश के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज, झांसी की एक तस्वीरें इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. इस फोटो में एक मासूम बच्चा अपने बीमार मां के लिए खून की बोतल थामे नजर आ रहा है, जबकि पिता स्ट्रेचर को खींचता हुआ एक्स-रे विभाग तक ले जा रहा है।

सबसे बड़ी बात यह कि इलाज में हुई इस लापरवाही की कीमत महिला को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने प्राथमिक जांच के बाद पांच कर्मचारियों पर कार्रवाई की है

बताते चलें कि 3 मई 2025 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की रहने वाली 35 वर्षीय शकुंतला नायक को गंभीर अवस्था में झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज लाया गया था. पेट में आंतों के संक्रमण की शिकायत के बाद स्थानीय डॉक्टरों ने उसे झांसी रेफर किया था, जहां उसे वार्ड नंबर दो में भर्ती किया गया. परिजनों की मानें तो जब शकुंतला की हालत गंभीर हुई तो डॉक्टरों ने खून चढ़ाने की सलाह दी. 8 मई को खून चढ़ाना शुरू हुआ, लेकिन उसी दौरान महिला को एक्सरे के लिए रेडियोलॉजी विभाग में भेज दिया गया.

जानकारी के मुताबिक सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि अस्पताल का कोई भी कर्मचारी या वार्ड ब्वॉय महिला को जांच के लिए लेकर नहीं गया,लाचार पति ने खुद स्ट्रेचर खींचा और 9 वर्षीय बेटा सौरभ हाथ में खून की बोतल पकड़े मां के साथ चलता रहा. वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने इसे कैमरे में कैद किया, तो तस्वीरें इंटरनेट पर वायरल हो गईं. इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया।

सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने प्राथमिक जांच के बाद जिन पांच लोगों को जिम्मेदार ठहराया, उनके खिलाफ कठोर कदम उठाए गए. बताया जा रहा है अभी आगे और लोगों पर भी गाज गिर सकती है।

 

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