UP News: इलाहाबाद उच्च न्यायालय से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और बेटे अब्दुल्ला आजम को दो पैन कार्ड रखने के मामले में बड़ी राहत मिली है। न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकलपीठ ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। साथ ही कोर्ट ने उनकी सजा निलंबित करने का आदेश दिया है। हालांकि अदालत ने आजम खान और अब्दुल्ला के दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है।
दो पैन कार्ड रखने के मामले में सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई सजा और दोषसिद्धि को चुनौती देते हुए आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाएं दाखिल की थीं। उन्होंने याचिकाओं के अंतिम निस्तारण तक अंतरिम राहत देने की मांग की थी। अदालत ने पिछली सुनवाई में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।
क्या है दो पैन कार्ड का मामला?
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वरिष्ठ नेता आजम खान और अब्दुल्ला आजम पर अलग-अलग जन्मतिथि का उल्लेख करने वाले पैन कार्ड बनवाने और उनका इस्तेमाल करने का आरोप है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि चुनावी नामांकन पत्रों में कथित तौर पर दूसरे पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया था। मामले में आजम खान की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, एनआई जाफरी और अधिवक्ता शाश्वत आनंद ने पक्ष रखा। वहीं राज्य सरकार की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने मामले में अपनी दलीलें पेश कीं। 14 अक्टूबर को उच्च न्यायालय ने दोनों की याचिकाओं को डॉ. तंजीम फातिमा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य से संबंधित आपराधिक पुनरीक्षण याचिका के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया था।
दूसरी ओर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लखनऊ जोनल कार्यालय ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की जमीन और भवनों को धन शोधन निवारण अधिनियम 2002 के तहत जब्त किया है। ईडी के मुताबिक इन संपत्तियों की मौजूदा बाजार कीमत लगभग 1,170 करोड़ रुपये है, जबकि भवन निर्माण पर 426.46 करोड़ रुपये खर्च हुए थे। जांच एजेंसी के अनुसार निर्माण में खर्च की गई अधिकांश रकम सरकारी थी। लगभग सात साल तक जांच होने के बाद ईडी ने यह कार्रवाई की है।
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