Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

भूसा दान को लेकर बरेली बीएसए ने दी सफाई, कहा- यह आदेश नहीं बल्कि जनसहयोग का अभियान

निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए समाज से सहयोग की अपील, शिक्षकों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं: डॉ. विनीता।
Bureau
Bureau News Desk
28 May 2026
08:21 PM
1 min read
भूसा दान को लेकर बरेली बीएसए ने दी  सफाई, कहा- यह आदेश नहीं बल्कि जनसहयोग का अभियान
हाइलाइट्स
निराश्रित गोवंशों के संरक्षण के लिए समाज से सहयोग की अपील, शिक्षकों पर किसी प्रकार का दबाव नहीं: डॉ
विनीता।

 

निराश्रित गोवंशों के लिए भूसा दान को लेकर जारी पत्र पर उठे विवाद के बीच बरेली की बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने स्पष्ट किया है कि यह किसी प्रकार का अनिवार्य आदेश नहीं, बल्कि स्वैच्छिक जनसहयोग और लोक कल्याण से जुड़ा अभियान है। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण के लिए समाज की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से यह अपील की गई थी।

 

बीएसए डॉ. विनीता ने बताया कि 22 मई 2026 को बीएसए कार्यालय की ओर से जारी पत्र में निराश्रित गोवंशों के भरण-पोषण के लिए भूसा दान की अपील की गई थी। उनका कहना है कि इस पहल का उद्देश्य जीव-कल्याण और सामाजिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देना था। हालांकि, कुछ माध्यमों में इसे आदेश या दबाव के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसके बाद विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट की गई है।उन्होंने कहा कि पत्र में आंशिक संशोधन करते हुए यह साफ कर दिया गया है कि भूसा दान पूरी तरह स्वैच्छिक सहयोग पर आधारित है। किसी भी शिक्षक, कर्मचारी या अन्य स्टाफ पर किसी प्रकार की बाध्यता नहीं है।

 

डॉ. विनीता ने कहा कि प्रदेश सरकार निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, चिकित्सा, चारा और आश्रय की व्यवस्था को लेकर लगातार कार्य कर रही है। प्रदेशभर में गोशालाओं के निर्माण और संचालन के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य बेसहारा गोवंशों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है ताकि वे सड़कों पर भटकने को मजबूर न हों। बीएसए ने मीडिया से अपील करते हुए कहा कि इस पहल को आदेश के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार गो संरक्षण केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और लोक कल्याण से भी जुड़ा हुआ है।

 

उन्होंने बताया कि सभी खंड शिक्षा अधिकारियों (बीईओ) को निर्देश दिए गए हैं कि वे समाजसेवियों, युवाओं, किसानों, ग्राम प्रधानों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से इस अभियान को आगे बढ़ाएं। प्रशासन और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही स्थायी समाधान संभव हो सकेगा। डॉ. विनीता ने कहा कि गांवों और कस्बों में गो संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने का काम किया जा रहा है। स्थानीय निकायों, ग्राम पंचायतों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से गोवंशों के लिए बेहतर भोजन, आश्रय और देखभाल की स्थायी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।

 

उन्होंने कहा कि भूसा दान जैसी पहल केवल पशु संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक सहभागिता और मानवीय मूल्यों को भी मजबूत करने का माध्यम है। अभियान में समाज का हर वर्ग अपनी क्षमता और इच्छा के अनुसार सहयोग कर सकता है।

Explore Related Topics

बरेली बीएसए डॉ. विनीता भूसा दान अभियान निराश्रित गोवंश यूपी गोशाला बरेली

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News