Ayodhya Deepotsav 2026: जिला प्रशासन ने रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव के आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए तैयारियां तेज कर दी हैं। उपराष्ट्रपति के आगमन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रमों को देखते हुए विभिन्न आयोजन स्थलों और मार्गों पर अधिकारियों की तैनाती कर जिम्मेदारियां बांट दी हैं। एयरपोर्ट से श्रीराम जन्मभूमि परिसर, नया घाट, रामकथा पार्क और राम की पैड़ी तक सुरक्षा, यातायात और अतिथियों की सुविधा के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। संशोधित आदेश के अनुसार आयोजन स्थलों, शोभायात्रा, अतिथि दीर्घाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की निगरानी के लिए अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
रामकथा पार्क में मुख्य विकास अधिकारी कृष्ण कुमार सिंह को संपूर्ण व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी दी गई है। यहां मंच, विशिष्ट अतिथि दीर्घा, संत समाज और मीडिया गैलरी की व्यवस्था के लिए अलग-अलग अधिकारियों की तैनाती की गई है। वहीं राम की पैड़ी पर अपर जिलाधिकारी अमित कुमार भट्ट आयोजन की निगरानी करेंगे। यहां मुख्यमंत्री के मंच, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, संतों की दीर्घा और अतिथियों के बैठने की व्यवस्था अलग-अलग अधिकारियों के जिम्मे होगी। दीप प्रज्ज्वलन से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी नगर एवं मेलाधिकारी दिनेश को सौंपी गई है।
विशिष्ट अतिथियों के आगमन और प्रस्थान की जिम्मेदारी एयरपोर्ट पर अपर जिलाधिकारी कौशल कुमार संभालेंगे। अपर नगर आयुक्त भारत और डिप्टी कलेक्टर गजेंद्र सिंह एयरपोर्ट से नया घाट होते हुए श्रीराम जन्मभूमि परिसर तक मार्ग और शांति व्यवस्था की निगरानी करेंगे। साकेत महाविद्यालय बंधा तिराहे से रामकथा पार्क तक निकलने वाली शोभायात्रा की जिम्मेदारी मुख्य राजस्व अधिकारी गजेंद्र कुमार को दी गई है। उनके साथ अन्य अधिकारी भी व्यवस्थाएं संभालेंगे।
दीपोत्सव में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पार्किंग, बैरिकेडिंग और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नया घाट स्थित सरयू आरती स्थल की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी प्रशासन विशु राजा और उप जिला मजिस्ट्रेट पवन कुमार शर्मा को दी गई है। वहीं, संपूर्ण यातायात व्यवस्था अपर जिलाधिकारी इंद्राकांत द्विवेदी संभालेंगे। जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने कहा कि दीपोत्सव में श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की प्राथमिकता है। सभी विभागों को आपसी समन्वय से व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।
Explore Related Topics
टिप्पणियाँ
टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें