Sunday, 12 July 2026 | Lucknow | 29°C

प्रयागराज में डॉक्टरों ने किया चमत्कार - बिना ओपन हार्ट सर्जरी के बंद किया दिल का छेद

Prayagraj News: क्या बिना सीना खोले दिल के छेद को बंद किया जा सकता है? प्रयागराज के डॉक्टरों ने वो कर दिखाया जो कभी सिर्फ सपनों में मुमकिन लगता था!
News Desk
News Desk News Desk
16 Oct 2025
05:58 AM
1 min read
प्रयागराज में डॉक्टरों ने किया चमत्कार - बिना ओपन हार्ट सर्जरी के बंद किया दिल का छेद
हाइलाइट्स
Prayagraj News: क्या बिना सीना खोले दिल के छेद को बंद किया जा सकता है
प्रयागराज के डॉक्टरों ने वो कर दिखाया जो कभी सिर्फ सपनों में मुमकिन लगता था


>प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने वो कर दिखाया, जिसे कभी असंभव माना जाता था। 21 वर्षीय युवक के दिल में मौजूद 6 मिमी का छेद बिना ओपन हार्ट सर्जरी के सफलतापूर्वक बंद किया गया। यह प्रयागराज मंडल में अपनी तरह की पहली मेडिकल सफलता है, जिसने चिकित्सा जगत में नई उम्मीदें जगाई हैं।


>मरीज को पहले ओपन हार्ट सर्जरी कराने की सलाह दी गई थी, जिससे परिवार बेहद चिंतित था। लेकिन स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. विमल निषाद और डॉ. वैभव श्रीवास्तव ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कैथ लैब में ही यह जटिल प्रक्रिया पूरी की। इस प्रक्रिया में मरीज का सीना नहीं खोला गया। डॉक्टरों ने एक पतली नली के जरिए हृदय तक पहुंच बनाई और एक विशेष डिवाइस के जरिये दिल के छेद को बंद कर दिया। पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज होश में था और कुछ ही घंटों में वह सामान्य हो गया।


>कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. पीयूष सक्सेना ने बताया कि यह उपलब्धि प्रयागराज के लिए ऐतिहासिक है। अब ऐसे मरीजों को बड़े ऑपरेशन, भारी खर्च और लंबे रिकवरी समय से नहीं गुजरना पड़ेगा। यह तकनीक सुरक्षित, किफायती और प्रभावी है पारंपरिक सर्जरी की तुलना में कहीं आसान और कम दर्दनाक। उन्होंने कहा कि अब स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय उन चुनिंदा सरकारी अस्पतालों की सूची में शामिल हो गया है, जहां दिल के जन्मजात छेद का इलाज बिना ओपन हार्ट सर्जरी के संभव है।


>इस अद्भुत उपलब्धि के पीछे अस्पताल की मेडिकल टीम का समर्पण और सूझबूझ झलकती है। डॉ. विमल निषाद ने बताया, “दिल का छेद हृदय के बेहद नाज़ुक हिस्से में था। डिवाइस का आकार और स्थिति तय करना चुनौतीपूर्ण था। ज़रा सी चूक मरीज के लिए खतरनाक हो सकती थी।” कई घंटों की सटीक योजना और अभ्यास के बाद जब मॉनिटर पर छेद पूरी तरह बंद दिखाई दिया, तो पूरा कैथ लैब तालियों से गूंज उठा। उस पल सभी की आंखों में खुशी के आंसू थे।


>मरीज के परिजनों ने बताया कि उन्हें लग रहा था कि बेटे को बड़ा ऑपरेशन कराना पड़ेगा। लेकिन डॉक्टरों ने बिना सर्जरी के ही उसका दिल का छेद बंद कर दिया। परिजनों ने भावुक होकर कहा “डॉक्टरों ने हमारे बेटे को नई ज़िंदगी दी है। हमारे लिए वे किसी भगवान से कम नहीं।”

 

टिप्पणियाँ

टिप्पणी करने के लिए लॉगिन करें

इस खबर को खबर पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद

ऐसी ही खबरों के लिए निचे स्क्रॉल करें

या होम पेज पर लेटेस्ट न्यूज़ पढ़ने के लिए क्लिक करें →

Related News