अम्बेडकरनगर। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश का असर अब अम्बेडकरनगर से होकर गुजरने वाली सरयू नदी पर भी दिखाई देने लगा है। पिछले 24 घंटे में नदी का जलस्तर 15 सेंटीमीटर बढ़ने के साथ ही टांडा क्षेत्र में कटान शुरू हो गई है। बाढ़ सुरक्षा के लिए लगाए गए जीओबैग और परक्यूपाइन पानी में डूबने के बाद तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे बह रही है और प्रशासन का कहना है कि फिलहाल बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है।
आलापुर तहसील क्षेत्र में रविवार को सरयू नदी का जलस्तर 81.40 मीटर दर्ज किया गया था, जो सोमवार सुबह बढ़कर 81.55 मीटर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने के बाद बाढ़ प्रभावित माने जाने वाले मांझा कम्हरिया, आराजी देवारा समेत अन्य तटीय गांवों में लोगों ने नदी की स्थिति पर नजर रखना शुरू कर दिया है।
स्थानीय ग्रामीण रामचंद्र के अनुसार पिछले दो दिनों से नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। हालांकि अभी नदी आबादी वाले क्षेत्रों से काफी नीचे बह रही है और तत्काल किसी तरह का खतरा नहीं है।
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टांडा क्षेत्र में सोमवार सुबह नौ बजे तक सरयू नदी का जलस्तर 90.260 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 92.730 मीटर निर्धारित है। इस हिसाब से नदी अभी भी खतरे के निशान से करीब 2.47 मीटर नीचे बह रही है।
इसके बावजूद बढ़ते जलस्तर का असर बाढ़ सुरक्षा कार्यों पर दिखाई देने लगा है। ठोकर संख्या-22 पानी में डूब गई है। वहीं, छज्जापुर राजघाट से छज्जापुर पूरब तक जून माह में लगाए गए जीओबैग और परक्यूपाइन भी नदी में समा गए हैं। इसके चलते कच्चे नाले के किनारे कटान शुरू हो गई है।
मुबारकपुर निवासी संदीप माझी ने बताया कि नदी का पानी लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक जलस्तर में इसी तरह वृद्धि होती रही तो तटवर्ती इलाकों में कटान और बढ़ सकती है, जिससे ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन नदी के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।
एसडीएम आलापुर सुभाष और एसडीएम टांडा डॉ. शशिशेखर ने बताया कि फिलहाल जिले में बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है और आबादी वाले सभी क्षेत्र सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन की टीमें संवेदनशील स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
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