Varanasi News: जिले के रामनगर के पंचवटी इलाके में रविवार को काशी नरेश अनंत नारायण सिंह का हाथी एकाएक बेकाबू हो गया। बेकाबू हुए हाथी ने अपने महावत छपालू पर हमला कर दिया। हाथी के हमले से छपालू गंभीर रूप से घायल हो गया है। वहीं घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हाथी के चंगुल से बचाकर किसी तरह महावत को बचाया गया। लेकिन तब महावत छपालू गंभीर रूप से घायल हो गया था। खून से लथपथ महावत को आनन-फानन में उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। वहीं आक्रामक हुआ हाथी जंगल की ओर भाग निकला।
मिली जानकारी के मुताबिक आजमगढ़ जनपद में रहने वाले छपालू बीते 13 सालों से काशी नरेश अनंत नारायण सिंह के हाथी की देखरेख कर रहे हैं। रोजाना की तरह रविवार सुबह भी छपालू ने हाथी को भोजन दिया और फिर नहलाया-धुलाया। इसी दौरान हाथी अचानक से बेकाबू हो गया और इधर-उधर भागने लगा। हाथी को काबू करने के लिए छपालू तुरंत पहुंचे लेकिन हाथी ने महावत को पटक दिया।
इस दौरान उसने दांतों से महावत के शरीर के कई हिस्सों को गंभीर चोट पहुंचाई। गंभीर रूप से घायल महावत को किसी तरह से बचाया गया और ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। जहां उसकी हालत चिंताजनक बतायी जा रही है। छपालू के चाचा नौशाद के मुताबिक पंचवटी घनी आबादी वाला इलाका है, इसी इलाके में काशी नरेश के तीन हाथी हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और वन विभाग की टीम सक्रिय हो गई और मौके पर पहुंच गईं। पंचवटी के आसपास घना जंगल भी हैं।
पुलिस, वन विभाग की टीम और लोगों की भीड़ देख हाथी और भी ज्यादा आक्रामक हो गया। लोगों की गतिविधियां देख बेकाबू हाथी जंगल की ओर भाग निकला। वन विभाग की टीम उसे काबू में करने की जुटी हुई हैं। बताया जा रहा है कि जंगल में भागे हाथी पर काफी समय बीत जाने के बाद भी नियंत्रण नहीं पाया जा सका है। बताया जा रहा है कि इसी हाथी पर सवार होकर काशी नरेश रामनगर की रामलीला और नाटी इमली के प्रसिद्ध भरत मिलाप में शामिल होते हैं। हर साल काशी की यह परंपरा आकर्षण का केंद्र रहती है। लेकिन अब हाथी के आक्रामक हो जाने के बाद इस बार पारंपरिक सवारी को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
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