UP News: दीपावली के त्योहार पर लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण मिठाई एवं नमकीन उपलब्ध कराने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने जांच अभियान तेज कर दिया है। ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत वाराणसी, आगरा और लखनऊ में मिठाई-नमकीन बनाने और बेचने वाले प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। तीनों शहरों में कुल 86 प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर 71 सुधार नोटिस जारी किए गए और 30 खाद्य नमूने संकलित किए गए। गंभीर अनियमितताओं के आधार पर चार प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई, जबकि लखनऊ में एक मिठाई प्रतिष्ठान का कारोबार बंद कराया गया।
वाराणसी में 30 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 28 सुधार नोटिस जारी किए गए और 15 खाद्य नमूने लिए गए। सिंधी कॉलोनी, पाण्डेयपुर स्थित कोजी स्वीट्स में गंदगी, जलजमाव, दीवारों पर जाले और अपशिष्ट प्रबंधन की कमी पाई गई। मशीनों और बर्तनों की सफाई भी संतोषजनक नहीं मिली। पेस्ट कंट्रोल तथा पानी की गुणवत्ता संबंधी रिपोर्ट उपलब्ध नहीं होने पर प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की गई।
आगरा में 27 प्रतिष्ठानों की जांच के दौरान 19 सुधार नोटिस जारी किए गए और 15 खाद्य नमूने लिए गए। कमला नगर स्थित बांके बिहारी मिष्ठान भंडार और सेठ गली स्थित हीरा हलवाई में गंदगी, जलजमाव तथा साफ-सफाई की कमियां सामने आईं। छीपी टोला स्थित पुष्पक स्वीट्स में भी स्वच्छता और पैकेजिंग संबंधी खामियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान परिसर में बोरैक्स पाउडर पाया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए लाइसेंस निलंबित करने की अनुशंसा की। खाद्य पदार्थों में बोरैक्स का इस्तेमाल अनुमन्य नहीं है।
लखनऊ में 29 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 24 सुधार नोटिस जारी किए गए। राजस्थान वाला मिठाई प्रतिष्ठान में गंदगी, दीवारों पर जाले, परिसर में अव्यवस्था और खाद्य कर्मियों की व्यक्तिगत स्वच्छता में कमियां मिलने पर कारोबार बंद कराया गया। खाद्य सुरक्षा टीमों ने कच्चे माल की गुणवत्ता, दूध एवं दुग्ध उत्पादों के सुरक्षित भंडारण, खाद्य रंगों, तेल की गुणवत्ता, पेयजल, कीट नियंत्रण और कर्मचारियों की स्वच्छता की जांच की। इसके अलावा एफएसएसएआई लाइसेंस, खरीद बिल, आपूर्तिकर्ताओं के रिकॉर्ड, बैच नंबर, सामग्री सूची, एलर्जन संबंधी जानकारी और पैकेजिंग नियमों का अनुपालन भी देखा गया। खुदरा दुकानों में मिठाइयों पर उपयोग की अंतिम तिथि यानी ‘यूज बाय डेट’ प्रदर्शित करने और खाद्य-ग्रेड पैकेजिंग सामग्री के इस्तेमाल पर भी जोर दिया गया।
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