Lucknow News: बसपा पार्टी ने होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी को लेकर पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने बुधवार को लखनऊ स्थित बसपा प्रदेश कार्यालय में पार्टी पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में चुनाव की तैयारियों, बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और अच्छे उम्मीदवारों के चयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई।
इस दौरान मायावती ने 6 दिसंबर को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर लखनऊ में होने वाले बड़े समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की सहमति दी। इस घोषणा के बाद बैठक में मौजूद पदाधिकारियों ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। पार्टी ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया है। माना जा रहा है कि इस आयोजन के जरिए बसपा आगामी विधानसभा चुनाव से पहले अपनी ताकत दिखाएगी।
बैठक का आयोजन लखनऊ के 12 माल एवेन्यू स्थित बसपा के प्रदेश कार्यालय में किया गया। इसमें प्रदेश, मंडल और जिला स्तर के पदाधिकारियों के साथ सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्ष शामिल हुए। मायावती ने पार्टी नेताओं से बूथ स्तर पर संगठन की स्थिति की जानकारी ली। साथ ही चुनाव में मजबूत उम्मीदवार उतारने और गरीब, कमजोर व वंचित वर्गों के बीच पार्टी की नीतियों और वोट की ताकत के बारे में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
मायावती ने पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में सामने आई कमियों को तय समय में दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी, ताकि बहुजन समाज के आत्मसम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई को आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने 'वोट हमारा, राज भी हमारा' के नारे के साथ सत्ता की चाबी हासिल करने के लिए सभी कार्यकर्ताओं को पूरी मेहनत से जुटने का संदेश दिया।
बैठक में बसपा ने सर्वसमाज के सहयोग से उत्तर प्रदेश में पांचवीं बार अपनी सरकार बनाने का संकल्प भी दोहराया। मायावती ने कहा कि प्रदेश की जनता मौजूदा हालात से परेशान है और उसे कानून के राज तथा अच्छे शासन की जरूरत है। उन्होंने बसपा के 'कानून द्वारा कानून का राज' और 'सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय' के सिद्धांतों पर आधारित शासन को फिर से स्थापित करने की बात कही।
मायावती ने देश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार शासन व्यवस्था की कमी का असर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हालात पर पड़ रहा है। ऐसे में बसपा कार्यकर्ताओं को जनता के बीच जाकर पार्टी की नीतियों और विचारों को पहुंचाना चाहिए।
बैठक के जरिए मायावती ने साफ संदेश दिया कि बसपा आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर संगठन को मजबूत करने और जनता के बीच अपनी पकड़ बढ़ाने में जुट गई है। अब पार्टी की नजर 6 दिसंबर को लखनऊ में होने वाले बड़े समारोह पर है, जिसके जरिए वह अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है।
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