UPI MDR Charge: डिजिटल पेमेंट करने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने चुनिंदा मर्चेंट यूपीआई पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) चार्ज लागू करने का निर्णय दीपावली के बाद तक टाल दिया है। एनपीएसआई ने बयान जारी कर यह संबंध में जानकादी दी। एनपीसीआई के मुताबिक दिवाली के बाद यह शुल्क लागू किया जाएगा। हालांकि अभी तक नई तारीख को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
पूर्व में यह व्यवस्था इसी हफ्ते गुरुवार से लागू होने वाली थी। लेकिन आगामी त्योहारों के मद्देनजर बढ़ने वाली खरीदारी और कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए एमडीआर शुल्क लागू किये जाने की तिथि को आगे बढ़ा दिया गया है। उल्लेखनीय है कि दीपावली पर्व के दौरान बाजारों में भारी संख्या में खरीदारी होने और डिजिटल भुगतान में तेजी आती है। ऐसे में नए शुल्क के लागू होने से कारोबारियों की लागत बढ़ने की संभावना जताई गई थी।
मर्चेंट संगठनों, फिनटेक कंपनियों और पेमेंट कंपनियों ने भी यूपीआई पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू किये जाने के निर्णय को टालने की मांग की थी। सभी का यह कहना था कि एमडीआर की दरों और नियमों को लेकर स्पष्टता बेहद जरूरी है। प्रस्तावित व्यवस्था के मुताबिक चुनिंदा मर्चेंट के द्वारा यूपीआई पेमेंट पर 0.4 प्रतिशत डक्त् शुल्क लगाने की बात कही गई है। यह शुल्क दो हजार से ज्यादा के पात्र लेनदेन पर लागू होने का प्रस्ताव है।
ऐसे में अगर किसी पात्र लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत चार्ज लगता है तो 10 हजार के भुगतान पर चालीस रुपए और पांच हजार के भुगतान पर बीस रुपए शुल्क देना होगा। प्रस्ताव के अनुसार शुल्क लगाने की यह व्यवस्था सभी यूपीआई लेनदेन पर लागू नहीं होगी। इसका दायरा कुछ मर्चेंट भुगतानों तक ही सीमित बताया जा रहा है। ग्राहकों के व्यक्तिगत यूपीआई हस्तांतरण पर इसे सार्वभौमिक शुल्क नहीं समझना चाहिए।
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