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पवित्र सावन माह में 'मीट पर बैन, मदिरा पर मेहरबानी' - सपा का योगी सरकार पर हमला

वाराणसी में मीट-मछली की दुकानों पर रोक, शराब बंदी पर उठा सवाल
News Desk
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14 Jul 2025
02:06 AM
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पवित्र सावन माह में 'मीट पर बैन, मदिरा पर मेहरबानी' - सपा का योगी सरकार पर हमला
हाइलाइट्स
वाराणसी में मीट-मछली की दुकानों पर रोक, शराब बंदी पर उठा सवाल


>देवों के देव महादेव को समर्पित सावन माह शुरू होते ही पूरे देश में धार्मिक उल्लास और अध्यात्मिक आस्था का माहौल बन गया है। इसी कड़ी में काशी यानी वाराणसी नगर निगम ने एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से संवेदनशील फैसला लेते हुए सावन माह के दौरान नगर क्षेत्र में सभी मीट और मछली की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया है।


>नगर निगम द्वारा यह फैसला 183 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में लागू रहेगा और इसमें किसी भी दुकान को छूट नहीं दी जाएगी। इस निर्णय को निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया, जिससे यह साफ हो गया कि धार्मिक आस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।


>नगर निगम ने क्या कहा?


>वाराणसी नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए कहा: “सावन माह की पवित्रता और शुद्धता को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। नगर क्षेत्र के सभी मीट-मछली की दुकानों को बंद रखने का निर्णय कार्यकारिणी समिति की बैठक में सर्वसम्मति से पारित किया गया है।”


>सपा सांसद का तंज: "शराब पर भी लगे रोक"


>जहां एक ओर इस निर्णय को धार्मिक भावना से जुड़ा सराहनीय कदम माना जा रहा है, वहीं समाजवादी पार्टी के सांसद वीरेंद्र सिंह ने इस पर सवाल खड़ा करते हुए कहा: “अगर पवित्रता का ध्यान रखते हुए मीट-मछली की दुकानें बंद की जा रही हैं, तो शराब की दुकानों को भी बंद किया जाना चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं होगा क्योंकि वह सरकार के लिए राजस्व का विषय है।”


>इस बयान ने बहस को एक नया मोड़ दे दिया है, जिससे यह सवाल खड़ा होता है कि क्या धार्मिक पवित्रता और राजस्व नीति को समान स्तर पर तौला जाना चाहिए?

 

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