Meerut Blue Drum Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद के चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज अदालत दोषी करार मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सजा सुनाएगी। जेल प्रशासन कोर्ट के निर्णय के आने से पहले मुस्कान और साहिल की मानसिक स्थिति को लेकर सतर्क है। अधिकारियों के अनुसार हत्याकांड में दोषी साबित होने के बाद से दोनों ने बातचीत कम कर दी है। साथ ही वे तनाव में नजर आ रहे हैं।
वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा के मुताबिकक मुस्कान रस्तोगी और साहिल की मानसिक स्थिति पर नजर रखी जा रही है। तनाव से बाहर निकालने के लिए दोनों की मेडिकल काउंसलिंग भी कराई जा रही है। मुस्कान ने पूजा-पाठ भी कम कर दिया है। कोर्ट के निर्देश मिलने के बाद मुस्कान और साहिल की पेशी की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जेल प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर निगरानी बढ़ा दी है।
जेल प्रशासन के मुताबिकक मुस्कान दोनों बेटियों के भविष्य को लेकर इन दिनों काफी परेशान है। वह लगातार बड़ी बेटी पीहू से मिलने या फिर उससे बात कराने की मांग कर रही है। जेल प्रशासन के पास उसकी बड़ी बेटी के संपर्क कराने की कोई जानकारी नहीं है। ऐसे में मुस्कान को अपनी बेटी के लिए खत लिखने को जरूरी सामान उपलब्ध कराया गया है। वहीं दूसरी ओर सौरभ राजपूत के परिजन इस मामले में लगातार आरोपियों को फांसी की सजा दिये जाने की मांग कर रहे हैं। सौरभ राजपूत की मां ने बेहद साफ शब्दों में यह स्पष्ट किया है कि अगर उन्हें कोर्ट से इंसाफ नहीं मिला तो वह उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय तक जाएंगे।
क्या है पूरा मामला
यूपी के मेरठ जनपद के ब्रह्मपुरी इलाके में बीते साल 3 मार्च को सौरभ राजपूत की बड़ी ही बेरहमी के साथ हत्या कर दी गई थी। सौरभ की हत्या उसकी मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर की थी। पुलिस के मुताबिक मुस्कान ने पूर्वनियोजित योजना के तहत हत्याकांड को अंजाम दिया था। सौरभ को पहले बेहोश किया गया और फिर उसकी बेदर्दी से चाकू से हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े-टुकड़े किये और फिर नीले रंग के ड्रम में सीमेंट का घोल बनाकर ढक दिया था।
हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मुस्कान अपने प्रेमी साहिल के साथ हिमाचल प्रदेश चले गये। 18 मार्च को पुलिस ने मामले की जांच के दौरान दोनों को गिरफ्तार किया था और सौरभ का शव बरामद किया था। जिला जज अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद बीते 30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को दोषी ठहराया था। अब सभी की निगाहें कोर्ट के आज सुनाए जाने पर फैसले फैसले पर टिकी हैं।
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