Shardiya Navratri 2026: नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक नवरात्र के दौरान कुछ राशियों पर मां दुर्गा की विशेष कृपाशारदीय नवरात्र का पावन अवसर पर मां भगवती की आराधना और भक्ति के लिए विशेष महत्व रखता है। नवरात्रि के नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक नवरात्र के दौरान कुछ राशियों पर मां दुर्गा की विशेष कृपा मानी जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं में मेष, सिंह, वृश्चिक, धनु और मीन राशि को देवी की आराधना के लिए शुभ बताया जाता है।
धनु राशि
धनु राशि के स्वामी बृहस्पति हैं, जिन्हें ज्ञान, धर्म और विवेक का कारक माना जाता है। मां कूष्मांडा और मां कात्यायनी की पूजा धनु राशि के जातकों के लिए आध्यात्मिक उन्नति और सकारात्मक सोच से जुड़ी मानी जाती है। इस दौरान पूजा-पाठ और आत्मचिंतन को विशेष महत्व दिया जाता है।
मेष राशि
मेष राशि के स्वामी मंगल हैं, जिन्हें साहस, ऊर्जा और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है। मां दुर्गा भी शक्ति और निर्भीकता की प्रतीक हैं। मान्यता है कि नवरात्र में मां चंद्रघंटा की पूजा करने से व्यक्ति को साहस और आत्मबल की प्रेरणा मिलती है। मेष राशि के जातक इस दौरान अपने लक्ष्य पूरे करने और चुनौतियों का सामना करने की शक्ति की कामना कर सकते हैं।
वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं। इस राशि को दृढ़ इच्छाशक्ति और संघर्ष करने की क्षमता से जोड़ा जाता है। मां कालरात्रि का स्वरूप भय और नकारात्मकता से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र में उनकी आराधना करके वृश्चिक राशि के जातक साहस, आत्मबल और संकल्प की मजबूती की कामना कर सकते हैं।
सिंह राशि
सिंह राशि के स्वामी सूर्य हैं, जिन्हें आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता से जोड़ा जाता है। मां दुर्गा का सिंहवाहिनी स्वरूप शक्ति और पराक्रम का प्रतीक है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कात्यायनी की पूजा से सिंह राशि के जातक अपने जीवन में विवेक, आत्मविश्वास और जिम्मेदारियों के प्रति समर्पण की प्रेरणा प्राप्त कर सकते हैं।
मीन राशि
मीन राशि के स्वामी भी बृहस्पति हैं। इस राशि को करुणा, संवेदनशीलता और आध्यात्मिकता से जोड़ा जाता है। नवरात्र में मां सिद्धिदात्री की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी आराधना से मानसिक शांति, विवेक और आत्मविश्वास की कामना की जाती है।
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