UP News: उत्तर प्रदेश में आयुर्वेद, योग, यूनानी और होम्योपैथी चिकित्सा पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने पिछले साढ़े नौ वर्षों में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। प्रदेश में आयुष चिकित्सा के शैक्षणिक, चिकित्सकीय और बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया है। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ उन्हें स्वास्थ्य सेवाओं की मुख्यधारा से जोड़ना है। प्रदेश में आयुष चिकित्सा सेवाओं को एकीकृत रूप देने के लिए वर्ष 2017 में अलग आयुष विभाग का गठन किया गया था। इसके माध्यम से आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी सेवाओं को एक प्रशासनिक व्यवस्था के तहत संचालित करने की दिशा में काम शुरू हुआ। इसके बाद शिक्षा, शोध और उपचार सुविधाओं के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया गया।
प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार के अनुसार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप गोरखपुर में महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की गई है। लगभग 52 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस विश्वविद्यालय की आधारशिला अगस्त 2021 में तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने रखी थी। जुलाई 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इसका उद्घाटन किया। यह प्रदेश का पहला आयुष विश्वविद्यालय है। इससे लगभग 100 आयुष महाविद्यालय संबद्ध हैं। यहां बीएएमएस, बीयूएमएस और बीएचएमएस सहित स्नातक एवं परास्नातक पाठ्यक्रमों की पढ़ाई और परीक्षाएं संचालित की जा रही हैं। विश्वविद्यालय में शोध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आयुष चिकित्सा सुविधाओं को जिला स्तर तक पहुंचाने के लिए 50 बेड वाले एकीकृत अस्पतालों की स्थापना की गई है। प्रदेश में ऐसे 16 अस्पताल पूरी तरह संचालित हैं। इनमें आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी पद्धतियों से उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा बुलंदशहर, फतेहपुर, हरदोई और उन्नाव में चार अन्य अस्पतालों का निर्माण लगभग पूरा होने की जानकारी दी गई है। मेरठ में 50 बेड और जौनपुर में 30 बेड के एकीकृत आयुष अस्पताल का निर्माण भी जारी है।
प्रदेश में आयुष चिकित्सा को गांवों और कस्बों तक पहुंचाने के लिए 1034 आयुष हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और 225 योग वेलनेस सेंटर स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से लोगों को आयुर्वेदिक परामर्श, योगाभ्यास, प्राकृतिक चिकित्सा और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रदेश में वर्तमान में कुल 3968 आयुष अस्पताल, क्लीनिक और डिस्पेंसरी संचालित हैं। इनके माध्यम से लोगों को विभिन्न आयुष चिकित्सा पद्धतियों में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत सरकारी अस्पतालों में आधारभूत सुविधाओं, आवश्यक दवाओं और चिकित्सा सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है।
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