उत्तर प्रदेश के युवाओं को भविष्य की तकनीकों और हरित अर्थव्यवस्था के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में राज्य के पहले ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर का शुभारंभ किया गया। इस केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वच्छ ऊर्जा और हरित तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे वे बदलते रोजगार बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप अपने कौशल विकसित कर सकेंगे।
इस पहल को 1एम1बी फाउंडेशन, माइक्रोसॉफ्ट, एमईआईटीवाई स्टार्टअप हब और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त सहयोग से शुरू किया गया है। उद्घाटन समारोह में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे, जबकि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने वीडियो संदेश के माध्यम से अपनी शुभकामनाएं दीं।
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस सेंटर के माध्यम से पहले वर्ष में 5,000 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ-साथ युवा पेशेवरों और स्टार्टअप से जुड़े प्रतिभागियों को भी शामिल किया जाएगा ताकि वे नई तकनीकों और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप स्वयं को तैयार कर सकें।
ग्रीन स्किल्स एवं एप्लाइड एआई सेंटर में प्रतिभागियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं बल्कि व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, पवन ऊर्जा, जलवायु परिवर्तन, हरित अर्थव्यवस्था और टिकाऊ विकास जैसे विषयों पर आधुनिक तकनीकों के माध्यम से प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। सेंटर में अत्याधुनिक लर्निंग ज़ोन विकसित किए गए हैं, जहां उद्योगों की वर्तमान जरूरतों के अनुरूप कौशल विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। सेंटर के माध्यम से युवाओं को उद्योग आधारित प्रोजेक्ट, इन्क्यूबेशन सहायता, जॉब फेयर, इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा जाएगा।
आयोजकों के अनुसार वर्ष 2030 तक देशभर में एक लाख युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जबकि 50 हजार युवाओं को रोजगार, इंटर्नशिप और अप्रेंटिसशिप के अवसरों से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और तेजी से बढ़ती डिजिटल तकनीकों के दौर में रोजगार का स्वरूप लगातार बदल रहा है। ऐसे में ग्रीन स्किल्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रशिक्षण युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विश्वविद्यालय का यह सेंटर उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने के साथ-साथ विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने की दिशा में भी अहम कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें उद्योगों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कौशल उपलब्ध कराना है ताकि वे भविष्य के रोजगार अवसरों का बेहतर लाभ उठा सकें।
1एम1बी फाउंडेशन के संस्थापक मानस सुबोध ने कहा कि ग्रीन स्किल्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले वर्षों में रोजगार और नवाचार के सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शामिल होंगे। ऐसे प्रशिक्षण केंद्र युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद करेंगे।
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